
अडाणी ग्रीन एनर्जी ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजों में दमदार प्रदर्शन दिखाया है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 34% बढ़कर ₹514 करोड़ पहुंच गया जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹383 करोड़ था। खास बात यह रही कि तिमाही आधार पर कंपनी का मुनाफा 100 गुना से ज्यादा उछला है क्योंकि दिसंबर 2025 तिमाही में यह सिर्फ ₹5 करोड़ था।
कंपनी का रेवेन्यू भी मजबूत रहा। सालाना आधार पर यह 16% बढ़कर ₹3,094 करोड़ हो गया जो पिछले साल ₹2,666 करोड़ था। वहीं तिमाही आधार पर रेवेन्यू में 25% से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई है। दिसंबर तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू ₹2,420 करोड़ था।
कंपनी का EBITDA (ऑपरेटिंग प्रॉफिट) लगभग 20% बढ़कर ₹2,882 करोड़ पहुंच गया जो पिछले साल ₹2,402 करोड़ था। इसके साथ ही EBITDA मार्जिन 78.2% से बढ़कर 82.3% हो गया जो ऑपरेशनल मजबूती को दर्शाता है।
पूरे वित्त वर्ष 2026 में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹1,987 करोड़ रहा, जो पिछले साल ₹2,001 करोड़ के मुकाबले हल्की गिरावट दिखाता है। हालांकि रेवेन्यू में 22% की मजबूत बढ़त दर्ज हुई और यह ₹11,602 करोड़ तक पहुंच गया।
कंपनी ने FY26 में 5.1 GW की रिकॉर्ड ग्रीनफील्ड क्षमता जोड़ी है। इसके पीछे एडवांस रिन्यूएबल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और प्लांट्स का मजबूत प्रदर्शन रहा। गुजरात के खावड़ा और राजस्थान में नए प्रोजेक्ट्स की शुरुआत ने ग्रोथ को सपोर्ट किया।
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गुजरात के खावड़ा में कंपनी की बैटरी स्टोरेज क्षमता 1,376 MWh तक पहुंच गई है जो एक ही लोकेशन पर दुनिया के बड़े ऑपरेशन्स में गिनी जाती है। कंपनी का लक्ष्य 2027 तक इसे 10,000 MWh तक ले जाने का है।
कंपनी के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सागर अडाणी ने कहा, FY26 हमारे लिए एक ऐतिहासिक साल रहा। हमने 5.1 GW की क्षमता जोड़कर कुल ऑपरेशनल क्षमता 19.3 GW तक पहुंचा दी है जो चीन के बाहर किसी भी कंपनी के लिए एक बड़ा रिकॉर्ड है।
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नतीजों के बाद कंपनी के शेयर में भी तेजी देखी गई। शेयर 1.02% बढ़कर ₹1,227 पर बंद हुआ। इस साल अब तक इसमें करीब 21% की बढ़त आ चुकी है।