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Adani Enterprises Q4:चौथी तिमाही में ₹221 करोड़ का घाटा, रेवेन्यू 20% बढ़ा; नए प्रोजेक्ट्स का पड़ा असर

चौथी तिमाही में कंपनी को ₹221 करोड़ का बड़ा घाटा हुआ है लेकिन रेवेन्यू में 20% की बढ़त दर्ज की गई है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 3,845 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था।
चौथी तिमाही में ₹221 करोड़ का घाटा, रेवेन्यू 20% बढ़ा; नए प्रोजेक्ट्स का पड़ा असर

अडाणी एंटरप्राइजेज ने 30 अप्रैल को वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी किए जिसमें कंपनी को 221 करोड़ रुपए का शुद्ध घाटा हुआ है। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 3,845 करोड़ रुपए का मुनाफा दर्ज किया था ऐसे में इस बार नतीजों में बड़ा उलटफेर देखने को मिला। हालांकि घाटे के बावजूद कंपनी के कारोबार में मजबूती बनी हुई है। इस तिमाही में रेवेन्यू करीब 20% बढ़कर 32,439 करोड़ रुपए तक पहुंच गया जो पिछले साल 26,965 करोड़ रुपए था। कंपनी की कुल आय भी लगभग 20% बढ़कर 33,187 करोड़ रुपए हो गई।

खर्च बढ़ने से दबाव

तिमाही के दौरान कंपनी के खर्च में तेज बढ़ोतरी देखने को मिली जो करीब 23% बढ़कर 32,458 करोड़ रुपए तक पहुंच गया। यही बढ़ा हुआ खर्च मुनाफे पर भारी पड़ा और कंपनी को घाटा उठाना पड़ा। अगर पिछली तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) से तुलना करें तो कारोबार में तेज उछाल आया है। उस समय रेवेन्यू करीब 24,820 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 32,439 करोड़ रुपए हो गया। यानी एक तिमाही में ही करीब 31% की बढ़त दर्ज हुई। इसी तरह कुल आय में भी करीब 30% की बढ़ोतरी हुई लेकिन खर्च 34% बढ़ने के कारण कंपनी घाटे में चली गई।

पूरे साल में मजबूत प्रदर्शन, मुनाफा 31% बढ़ा

जहां एक ओर चौथी तिमाही में कंपनी को घाटा हुआ वहीं पूरे वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा। सालाना आधार पर कंपनी का नेट प्रॉफिट 31% बढ़कर 9,339 करोड़ रुपए हो गया जो पिछले साल 7,099 करोड़ रुपए था। कंपनी की कुल आय में भी मामूली बढ़त देखने को मिली और यह 1.02 लाख करोड़ रुपए के पार पहुंच गई। ऑपरेशनल रेवेन्यू करीब 1 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा रहा जबकि कुल खर्च में करीब 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।

नए प्रोजेक्ट्स से बढ़ा डेप्रिसिएशन

कंपनी ने साफ किया है कि चौथी तिमाही में घाटे की मुख्य वजह हाल ही में शुरू किए गए बड़े प्रोजेक्ट्स हैं। खासकर नवी मुंबई एयरपोर्ट और कॉपर प्लांट जैसे नए एसेट्स के कारण डेप्रिसिएशन बढ़ा है जिससे मुनाफे पर दबाव आया। हालांकि ऑपरेशनल स्तर पर कंपनी का प्रदर्शन स्थिर बना हुआ है। EBITDA में हल्की बढ़त दर्ज की गई और यह सालाना आधार पर बढ़कर 4,479 करोड़ रुपए तक पहुंच गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर बिजनेस से मिल रही मजबूती

कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि अब उसकी कमाई का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर और यूटिलिटी बिजनेस से आ रहा है। कुल EBITDA में इन सेगमेंट्स का योगदान करीब 80% हो गया है जिससे कंपनी के कैश फ्लो में स्थिरता आई है। कुछ अन्य बिजनेस सेगमेंट्स में उतार-चढ़ाव के बावजूद इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो कंपनी की रीढ़ बनता जा रहा है और यही भविष्य में ग्रोथ का आधार भी रहेगा।

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निवेशकों को मिलेगा ₹1.30 डिविडेंड

नतीजों के साथ ही कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1.30 रुपए प्रति शेयर डिविडेंड देने की सिफारिश की है। इससे निवेशकों को कुछ राहत मिलेगी खासकर ऐसे समय में जब तिमाही नतीजों में गिरावट देखने को मिली है।

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गौतम अडाणी का बयान

गौतम अडाणी ने नतीजों पर कहा कि कंपनी अब एक ज्यादा स्थिर और इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित मॉडल की ओर बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि EBITDA का बड़ा हिस्सा अब ऐसे बिजनेस से आ रहा है जो परिपक्व हैं और जिनके पास लंबे समय के कॉन्ट्रैक्ट्स हैं। इससे भविष्य में बेहतर वैल्यू क्रिएशन और लगातार कैश जनरेशन की उम्मीद है।

Sumit  Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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