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एमवाय अस्पताल में मेडिकल लापरवाही- 3 नर्सों के खिलाफ कार्रवाई, एक निलंबित

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3 नर्सों के खिलाफ कार्रवाई, एक निलंबित
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    इंदौर --  एमवाय अस्पताल के मेडिसिन विभाग में राष्ट्रीय महिला कबड्डी खिलाड़ी को एक्सपायर्ड एंटीबायोटिक चढ़ाने की शर्मनाक घटना सामने आते ही पूरा प्रबंधन सकते में आ गया। अस्पताल की लापरवाही इतनी बड़ी थी कि मामला सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासन को मजबूरन ताबड़तोड़ कार्रवाई करनी पड़ी। शुरुआती जांच में ही मेडिकल स्टाफ की घोर लापरवाही उजागर हो गई, जिसके बाद तीन नर्सों पर सीधा शिकंजा कस दिया गया।

     

    जांच रिपोर्ट ने साफ कहा—  नर्सिंग ऑफिसर आसमा अंजुम ने खिलाड़ी को एक्सपायर्ड एंटीबायोटिक चढ़ाने में गंभीर चूक की, जिस पर तत्काल निलंबन की कार्रवाई हुई। उधर, दवाइयों की निगरानी की जिम्मेदार इंचार्ज नर्सिंग ऑफिसर नैना गौतम भी दौर से बच नहीं पाईं। दवाओं के स्टॉक की निगरानी में घोर उदासीनता पर उनकी वेतनवृद्धि एक साल के लिए रोकने की तैयारी है। वहीं, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर एंजलिना विल्फ्रेड ने स्टोर और स्टॉक रजिस्टर को ठीक ढंग से मेंटेन नहीं किया—उनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव जारी किया गया है।

     

    इस कांड की आंच विभाग के बड़े अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. धमेंद्र झंवर सहित कई स्टाफ सदस्यों को कारण बताओ नोटिस थमा दिया गया है। हैरानी की बात यह कि पहले जांच कमेटी की कमान डॉ. झंवर को ही सौंप दी गई थी, जिसे विरोध के बाद बदलकर सर्जरी विभाग के सह-प्राध्यापक डॉ. अभय ब्राह्मणे को अध्यक्ष बनाकर नई समिति गठित करनी पड़ी। इस समिति में डॉ. रामु ठाकुर, डॉ. जितेंद्र वर्मा, डॉ. अंकित थोरा और नर्सिंग अधीक्षक दयावंती दलाल शामिल हैं। पूछताछ में सभी ने बयान तो यही दिया कि एंटीबायोटिक की बोतल का ‘उपयोग नहीं किया गया. लेकिन सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और परिजनों के आरोपों ने अस्पताल की विश्वसनीयता  को सवालों के कटघरे में खड़ा कर दिया।

     

    घटना की पूरी कहानीकैसे खुला अस्पताल की लापरवाही का पर्दाफाश

    27 वर्षीय राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी रोशनी सिंह को 12 नवंबर को पेट में एसिटिक फ्लूइड की समस्या के चलते वार्ड नंबर 21 में भर्ती किया गया था। इलाज चल ही रहा था कि उनके पति सागर सिंह ने देख लिया कि ड्रिप लाइन पर लगी सिप्रो की वायल की एक्सपायरी डेट निकल चुकी है। इससे पहले कि कोई जिम्मेदार अधिकारी कुछ समझ पाता, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो देखते-देखते सोशल मीडिया पर जोरदार तरीके से वायरल हो गया। शुक्रवार को सामने आए एक और वीडियो में सागर सिंह ने अस्पताल को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि दवा स्टॉक पर ठीक से नजर रखना अस्पताल का बुनियादी कर्तव्य है। उनका यह भी आरोप है कि जैसे ही उन्होंने एक्सपायर्ड वायल की ओर इशारा किया, नर्सिंग स्टाफ ने वह बोतल तुरंत हटा दी—और स्टोर में रखी दूसरी एक्सपायर्ड वायल्स को भी गायब कर दिया।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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