Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
Naresh Bhagoria
11 Jan 2026
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11 Jan 2026
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11 Jan 2026
ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में तीन लोगों को मौत हो गई जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है। घायल युवक को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हादसा ग्वालियर-झांसी नेशनल हाइवे 44 के बिलौआ थाना क्षेत्र स्थित जोरासी घाटी के पास हुआ है। हादसा होते ही मौके पर चीख पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी।
ग्वालियर के बिलौआ थाना क्षेत्र के जौरासी घाटी इलाके में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा हुआ। ग्वालियर से एंगल भरकर सामान ले जा रही ट्रॉली अचानक घाटी में पलट गई। हादसे में सवार पांच मजदूरों में से तीन की मौके पर ही मौत हो गई और दो घायल हो गए। मृतक अलकस अली, मुस्तकीम आलम और धुलेन सरकार हैं, जबकि घायल मजदूरों का इलाज ग्वालियर के ट्रॉमा सेंटर में चल रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रैक्टर-ट्रॉली तेज रफ्तार में जा रही थी। चालक ने वाहन को अनियंत्रित तरीके से चलाया, जिससे ट्रॉली घाटी के ढलान पर पलट गई। हादसे के कारण हाइवे पर लंबा जाम लग गया और वाहन यातायात पूरी तरह ठप हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जाम हटाया और यातायात को धीरे-धीरे बहाल किया।
मृतक और घायल मजदूर पश्चिम बंगाल के मालदाह जिले के रहने वाले थे। ये सभी बिजली के टावर लगाने का काम करते थे और पिछले छह महीने से ग्वालियर में काम कर रहे थे। हादसे के समय ये सिकरौदा चौराहे के पास टावर लगाने के लिए ग्वालियर से बिलौआ की ओर जा रहे थे। उनके साथ ही ट्रॉली में अन्य साथी भी सवार थे।
हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। बिलौआ पुलिस ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायल मजदूर को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया और मृतक मजदूरों के शव पोस्टमार्टम के लिए जयारोग्य अस्पताल भेजे। पुलिस ने क्रेन की मदद से ट्रॉली को सड़क से हटाया।
ट्रॉली के पलटने के कारण जौरासी घाटी पर सड़क दोनों ओर अवरुद्ध हो गई। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से यातायात बहाल किया गया। हादसे के कारण आसपास के इलाकों में लोग घंटों फंसे रहे।
बिलौआ पुलिस ने FIR दर्ज कर चालक की तलाश शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि हादसे की मुख्य वजह तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही है। मृतक मजदूर स्थानीय परियोजनाओं में टावर निर्माण में लगे हुए थे और यह दुर्घटना उनके परिवार और साथी मजदूरों के लिए बड़ी त्रासदी साबित हुई है।