Naresh Bhagoria
9 Jan 2026
चेन्नई। तमिलनाडु के डिप्टी CM उदयनिधि स्टालिन ने संस्कृत भाषा को लेकर विवादित बयान दिया है। DMK नेता ने शुक्रवार को केंद्र सरकार की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि तमिल डेवलपमेंट के लिए सिर्फ 150 करोड़ रुपए दिए जाते हैं। जबकि संस्कृत जो एक मरी हुई भाषा है, उसे 2400 करोड़ रुपए मिलते हैं।
स्टालिन ने पीएम मोदी पर तमिल की उपेक्षा करने और संस्कृत-हिंदी को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा.. एक तरफ तो वे ऐसे दिखा रहे हैं जैसे उन्हें तमिल भाषा की परवाह है, दूसरी तरफ वे है जो हिंदी और संस्कृत थोपने की लगातार कोशिश में जुट हैं। जब आप तमिल सीखने के लिए इतने बेताब हैं, तो बच्चों को हिंदी और संस्कृत क्यों पढ़ा रहे हैं।
उदयनिधि स्टालिन के बयान पर भाजपा नाराज दिखीं है। BJP लीडर तमिलिसाई सौंदरराजन ने कहा कि किसी को भी किसी भी भाषा को मरी हुई कहने का हक नहीं है, खासकर उस भाषा को जो आज भी पूरे देश में पूजा-पाठ और रीति-रिवाजों में इस्तेमाल होती है। जिससे राज्य में एक बार पिर भाषा विवाद ने जोर पकड़ लिया है।