CG NEWS: अबूझमाड़ में विकास की नई सुबह, नन्हीं बच्चियों ने किया पुल का उद्घाटन, 2000 बच्चे लौटे स्कूल

रायपुर/ नारायणपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ के नारायण जिले में कभी नक्सलवाद और पिछड़ेपन की पहचान रहा अबूझमाड़ अब विकास और शिक्षा की नई कहानी लिख रहा है। नारायणपुर जिले के बासीन नाले पर बने नए पुल का उद्घाटन किसी मंत्री या अधिकारी ने नहीं, बल्कि क्षेत्र की दो नन्हीं बच्चियों ने किया। इस भावुक पल ने मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। वहीं जिले में चलाए गए विशेष शिक्षा अभियान के तहत पढ़ाई छोड़ चुके 2000 बच्चों की भी दोबारा स्कूलों में वापसी कराई गई।
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नन्हें हाथों ने खोला विकास का रास्ता
नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र में बासीन नाले पर बने नए पुल का उद्घाटन राज्य सरकार के मंत्री केदार कश्यप, कलेक्टर नम्रता जैन और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में दो नन्हीं बच्चियों से कराया गया। जैसे ही बच्चियों ने शिलापट्ट से उद्घाटन का कपड़ा हटाया, पूरा माहौल तालियों और भावनाओं से गूंज उठा।
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दर्जनों गांवों को मिला सीधा संपर्क
बासीन नाले पर बने इस पुल के तैयार होने से अबूझमाड़ के दर्जनों गांव पहली बार पूरे साल जिला मुख्यालय नारायणपुर से बेहतर तरीके से जुड़ सकेंगे। बरसात के दिनों में आवाजाही की सबसे बड़ी समस्या अब काफी हद तक खत्म हो जाएगी।
महाराष्ट्र तक आसान होगी कनेक्टिविटी
इस पुल के बनने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि अब इस क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था मजबूत होगी और भविष्य में महाराष्ट्र से भी सीधी कनेक्टिविटी आसान हो जाएगी। इससे व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक सेवाओं को भी नई गति मिलेगी।
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शिक्षा अभियान में बड़ी सफलता
नारायणपुर में शाला प्रवेश उत्सव के दौरान जिला प्रशासन ने शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की। विशेष सर्वे और जनजागरूकता अभियान के जरिए पढ़ाई छोड़ चुके करीब 2000 बच्चों को दोबारा स्कूलों में प्रवेश दिलाया गया।
हर बच्चे को फिर से मिली किताबें
प्रशासन ने गांव-गांव जाकर ऐसे बच्चों की पहचान की जो किसी कारण से पढ़ाई छोड़ चुके थे। अधिकारियों और शिक्षकों के प्रयास से इन बच्चों को फिर स्कूल से जोड़ा गया। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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विकास और शिक्षा की बदलती तस्वीर
अबूझमाड़ लंबे समय तक नक्सल प्रभावित और पिछड़ा इलाका माना जाता रहा है। लेकिन सड़क, पुल, शिक्षा और प्रशासन की लगातार पहल अब इस क्षेत्र की तस्वीर बदल रही है। बासीन पुल और 2000 बच्चों की स्कूल वापसी इसी बदलाव की मजबूत मिसाल बनकर सामने आई है।












