मरीजों के लिए भरोसेमंद सहारा:हमीदिया अस्पताल के डॉक्टर ने तैयार किया आर्थो रिहैब ऐप, अब घर बैठे मिलेगी गाइडेंस

प्रवीण श्रीवास्तव, भोपाल। राजधानी के हमीदिया अस्पताल ने एक भरोसेमंद और वैज्ञानिक विकल्प पेश किया है। अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग के जूनियर डॉक्टर ने आर्थो रिहैब ऐप तैयार किया है। इस ऐप को ऑपरेशन के बाद मरीजों को सही और प्रामाणिक गाइडेंस देने के लिए शुरू किया गया है। इसमें हड्डी से जुड़ी 200 से अधिक सर्जरी की जानकारी, इसके बाद एक्सरसाइज और देखभाल को वीडियो, ऑडियो और टेक्स्ट फॉर्मेट में शामिल किया गया है। खास बात यह है कि डॉक्टर खुद मरीज का रजिस्ट्रेशन कर उसकी सर्जरी के अनुसार जानकारी उपलब्ध कराएंगे। ताकि मरीज को सिर्फ वही जानकारी मिले जो उसके लिए जरूरी है।
जटिल ऑपरेशन के बाद होगा फायदेमंद
यह ऐप गांधी मेडिकल कॉलेज के अस्थि रोग विभाग के सीनियर रेजीडेंट डॉ. सुदीप त्रिपाठी ने तैयार किया है। वे बताते हैं कि सड़क दुर्घटना या अन्य गंभीर मामलों में ऑपरेशन के बाद मरीज को लंबे समय तक एक्सरसाइज की जरूरत होती है। हम अस्पताल में मरीज को बताते हैं, लेकिन घर जाकर वे अक्सर इसे भूल जाते हैं। ऐसे में वे कई बार गलत तरीके से एक्सरसाइज करते हैं। कई बार ऐसे मामले भी आए जिनमें गलत एक्सरसाइज से मरीज को नुकसान भी हो गया। ऐसे में यह ऐप मरीजों को सही एक्सरसाइज के साथ अन्य सावधानियां भी बताता रहेगा।

क्या है आर्थो रिहैब ऐप और कैसे करता है काम ?
यह एक मोबाइल एप्लिकेशन है, जिसे अस्पताल में ऑपरेशन के बाद मरीज को गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कराया जाता है। इसके बाद संबंधित डॉक्टर मरीज का रजिस्ट्रेशन कर उसके ऑपरेशन से जुड़ी जानकारी ऐप में अपलोड करते हैं। मरीज खुद से लॉगिन नहीं कर सकता। डॉ. त्रिपाठी बताते हैं कि हर ऑपरेशन के लिए विशेष एक्सरसाइज होती हैं। ऐसे मरीज अगर खुद लॉगिन करेगा तो उसे उसके लिए तय जानकारी नहीं मिल पाएगी। ऐसे में वार्ड में डॉक्टर ही मरीज का रजिस्ट्रेशन करते हैं, ताकि वह फालतू और भ्रमित करने वाली जानकारी से बच सके।
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मरीजों को कैसे मिलेगा फायदा ?
इस ऐप के जरिए मरीजों को घर बैठे सही और स्पष्ट गाइडेंस मिल सकेगी, जिससे रिकवरी की प्रक्रिया तेज और सुरक्षित होगी। बार-बार अस्पताल आने की जरूरत कम होगी और गलत एक्सरसाइज या लापरवाही से होने वाले जोखिम भी घटेंगे। वीडियो और ऑडियो फॉर्मेट में जानकारी होने से कम पढ़े-लिखे मरीज भी आसानी से समझ सकेंगे। डॉक्टर और मरीज के बीच बेहतर समन्वय बनेगा। इलाज के परिणाम भी बेहतर होंगे। मरीजों को सही समय पर सही मार्गदर्शन मिल सकेगा।
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ऐप से मरीजों को मिलेगी मदद
ऑर्थोपेडिक विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. आशीष गोहिया का कहना है कि इस ऐप का उद्देश्य ऑपरेशन के बाद मरीजों को सामान्य जानकारी देना है। ताकि वे घर पर भी एक्सरसाइज और डॉक्टर की सलाह का पालन कर सकें। इस पहल से मरीजों को सही दिशा में मदद मिलेगी। और इलाज के बाद होने वाली परेशानियां कम होंगी। यह एक उपयोगी और जरूरी पहल है।












