Manisha Dhanwani
19 Jan 2026
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Aakash Waghmare
18 Jan 2026
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काबुल। अफगानिस्तान के हेलमंद प्रांत में इंसानियत को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक 6 साल की मासूम बच्ची की शादी 45 साल के व्यक्ति से कर दी गई। यह घटना अमेरिका स्थित अफगान न्यूज आउटलेट Amu.tv की रिपोर्ट के बाद प्रकाश में आई। शादी की तस्वीरें वायरल होने के बाद खुद तालिबान अधिकारी भी हैरान रह गए और बच्ची को उसके ससुराल भेजने से रोक दिया गया। हालांकि तालिबान ने साफ कहा कि जब लड़की 9 साल की हो जाएगी, तब उसे पति के घर भेजा जाएगा।
यह विवाह हेलमंद के मर्जा जिले में हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, 45 वर्षीय व्यक्ति ने बच्ची के पिता को पैसा देकर रिश्ता तय कराया था। मामला सामने आने के बाद पुलिस ने बच्ची के पिता और दूल्हे को गिरफ्तार तो किया, लेकिन अब तक किसी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है।
2021 में तालिबान के फिर से सत्ता में आने के बाद से देश में बाल विवाह के मामलों में बढ़ोतरी देखी गई है। UN Women की रिपोर्ट के मुताबिक, तालिबान के महिला-विरोधी कानूनों के चलते बाल विवाह में 25% और किशोरियों के गर्भधारण में 45% की बढ़ोतरी हुई है। लड़कियों की शिक्षा और काम पर पाबंदी की वजह से कई परिवार उन्हें बोझ समझकर जल्दी शादी कर दे रहे हैं।
अफगान समाज में ‘वलवर’ नाम की कुप्रथा के तहत दहेज की तरह पैसा लेकर लड़कियों की शादी तय की जाती है। यह रकम लड़की की उम्र, खूबसूरती, सेहत और शिक्षा पर निर्भर करती है।
द अफगान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उरुजगान की एक महिला अमीरी ने बताया कि उसने अपनी 14 वर्षीय बेटी की शादी 3 लाख अफगानी में 27 वर्षीय पुरुष से कर दी, क्योंकि घर में खाने को कुछ नहीं था, यही एक रास्ता बचा था।
अफगान समाज में ‘बाद’ नाम की प्रथा के तहत खून-खराबे वाले झगड़ों को सुलझाने के लिए लड़कियों को दुश्मन परिवारों को सौंप दिया जाता है। इस प्रक्रिया में लड़की को उस परिवार की इज्जत या नमूस माना जाता है और उसकी पूरी जिदगी विवाद के समाधान की कीमत बनकर रह जाती है।