ग्वालियर में परिवहन विभाग ने इस साल समय से पहले लक्ष्य हासिल कर अपने बेहतर काम को साबित कर दिया है। आने वाले दिनों में राजस्व और बढ़ने की उम्मीद है, जिससे विभाग एक बार फिर सरकार के लिए मजबूत आय का स्रोत बनकर उभरा है।
शुरुआत में शासन ने परिवहन विभाग को 5700 करोड़ रुपए का बड़ा राजस्व लक्ष्य दिया था, लेकिन अक्टूबर में इसे घटाकर 4400 करोड़ कर दिया गया। इसके पीछे जीएसटी में कमी और ई-व्हीकल पर टैक्स नहीं लगने जैसे कारण बताए गए। इसके बावजूद विभाग ने न सिर्फ लक्ष्य हासिल किया, बल्कि 26 मार्च तक 4475 करोड़ रुपए भी जमा कर लिए हैं। अधिकारियों का मानना है कि 31 मार्च 2026 तक यह आंकड़ा 4600 से 4700 करोड़ तक पहुंच सकता है।
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वर्तमान में विभाग को हर दिन करीब 5 से 6 करोड़ रुपए का राजस्व मिल रहा है। ऐसे में बचे हुए दिनों में 40 से 45 करोड़ रुपए और आने की उम्मीद है। इसके अलावा केंद्र सरकार से नेशनल परमिट के तहत 220 करोड़ रुपए भी मिलने हैं, जो 31 मार्च तक विभाग के खाते में आ सकते हैं। इससे कुल राजस्व में और बढ़ोतरी होगी।
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अगर पिछले पांच सालों का रिकॉर्ड देखें तो विभाग का प्रदर्शन उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2020-21 में 2600 करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 2746 करोड़ हासिल किए गए, जबकि 2021-22 और 2023-24 और 2024-25 में लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया। अब 2025-26 में विभाग ने लक्ष्य से आगे बढ़कर बेहतर प्रदर्शन किया है। संयुक्त परिवहन आयुक्त वित्त अमित कुमार के अनुसार, अगले वित्तीय वर्ष में विभाग को करीब 5100 करोड़ रुपए का लक्ष्य मिल सकता है। साथ ही, बेहतर प्रदर्शन करने वाले जिलों के अधिकारियों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।