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भोपाल की वोटर लिस्ट से हटाए गए 44 हजार नाम, इंदौर में 30 हजार

चुनाव आयोग की एक महीने की कवायद के बाद
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भोपाल की वोटर लिस्ट से हटाए गए 44 हजार नाम, इंदौर में 30 हजार

भोपाल। मप्र में मतदाता सूची के द्वितीय विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य बीते सोमवार को समाप्त हो गया। एक महीने तक चले इस कार्य में प्रदेशभर से 6.88 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। वहीं, 19.66 लाख लोगों के नाम जोड़ने और 14.66 लाख नामों में संशोधन संबंधी आवेदन आए हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, मतदाता सूची में नाम जोड़ने के मामले में इंदौर सबसे आगे है।

यहां एक माह के अंदर 1.50 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट में जोड़ने को लेकर आवेदन आए हैं। वहीं, भोपाल जिले में नाम जोड़ने के लिए 89 हजार लोगों के आवेदन आए हैं, जबकि सूची से नाम बाहर करने के लिए 40 हजार से अधिक मतदाताओं ने आवेदन किया है। इसी तरह, सूची से नाम हटाने के मामले में भोपाल अन्य जिलों से आगे है। ग्वालियर में 54,884 नाम जोड़े गए और 28,382 नाम हटाए गए। वहीं, जबलपुर में 42,255 नाम जोड़े गए, जबकि 15,085 हटाए गए। अब दावे-आपत्तियां लेने का काम शुरू होगा। आयोग ने सभी अधिकारियों को 10 फीसदी नामों का रेंडम सत्यापन करने के लिए कहा है। सूची का अंतिम प्रकाशन 4 अक्टूबर को किया जाएगा।

14.66 लाख लोगों ने कराया नामों में संशोधन

नामों में संशोधन, आधे-अधूरे नामों में सुधार और उसे पूरा करने के लिए 14.66 लाख लोगों ने आयोग में आवेदन किया। इस मामले में भी इंदौर पहले नंबर पर रहा। इंदौर में 1.14 लाख मतदाताओं ने नाम संशोधन के लिए आवेदन दिए। दूसरे नंबर पर भोपाल में 84 हजार, ग्वालियर में 44,326 और जबलपुर में 36,077 नाम संशोधन के आवेदन आए हैं।

सूची में 6 लाख से ज्यादा एक जैसे नाम वाले

सूची में एक जैसे नाम वाले 6 लाख से ज्यादा वोटर हैं। इनके नाम एक से अधिक मतदान केंद्रों पर दर्ज हैं। इनके आगे सरनेम अथवा पिता का नाम एक जैसे या मिलतेजु लते हैं। इस तरह के नामों को लेकर राजनीतिक दलों की सबसे ज्यादा शिकायतें हैं। दलों का कहना है कि एक ही मतदाता का नाम कई जगह जोड़ा गया है। आयोग द्वारा इन नामों का सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के बाद एक जगह से नाम हटाया जाएगा।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 19 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। इसके अलावा सूची से नाम हटाने के लिए 6 लाख से अधिक आवेदन जिला निर्वाचन कार्यालयों में जमा हुए हैं। अब नाम जोड़ने और हटाने का काम बंद हो गया है। - अनुपम राजन, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मप्र

Javedakhtar Ansari
By Javedakhtar Ansari

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