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क्रांतिचौक से 27 किमी... महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का नया अभियान, जगह-जगह लगाए पोस्टर, लिखा- औरंगजेब को यहीं गाड़ा

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क्रांतिचौक से 27 किमी... महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना का नया अभियान, जगह-जगह लगाए पोस्टर, लिखा- औरंगजेब को यहीं गाड़ा
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने छत्रपति संभाजीनगर में एक अनूठा अभियान छेड़ा है, जिसमें औरंगजेब की कब्र को लेकर जागरूकता बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में बैनर लगाए गए हैं, जिनमें खुल्दाबाद स्थित औरंगजेब की कब्र तक की दूरी को किलोमीटर में दर्शाया गया है। मनसे का कहना है कि यह अभियान लोगों को उनके इतिहास से जोड़ने के लिए शुरू किया गया है। पार्टी का मानना है कि मराठों के कट्टर शत्रु माने जाने वाले औरंगजेब की कब्र महाराष्ट्र की धरती पर है और यह तथ्य हर किसी को पता होना चाहिए।

बैनरों पर क्या लिखा गया है

शहर के प्रमुख स्थानों पर लगे इन बैनरों में कब्र तक की दूरी को स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। उदाहरण के लिए क्रांतिचौक से 27 किमी, जिला न्यायालय से 26 किमी, बाबा पेट्रोल पंप से 25 किमी, होली क्रॉस स्कूल से 24 किमी और शरनापुर से 14 किमी। इन बैनरों को देखकर लोग हैरान भी हो रहे हैं और इस पर चर्चाएं भी कर रहे हैं। मनसे का उद्देश्य है कि लोग यह जानें कि मराठा इतिहास के इस क्रूर शासक को यहीं दफनाया गया था।

राज ठाकरे के बयान से प्रेरित अभियान

मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे ने हाल ही में गुड़ी पाडवा के अवसर पर एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था, "औरंगजेब मराठों को खत्म करने आया था, लेकिन उसे यहीं दफना दिया गया। यह इतिहास हमारी नई पीढ़ी को जरूर जानना चाहिए।" इस बयान को आधार बनाकर मनसे ने इस अभियान को आगे बढ़ाया है। पार्टी चाहती है कि स्कूली बच्चे और युवा अपने इतिहास को समझें और इससे जुड़ें।

मनसे नेताओं की राय

छत्रपति संभाजीनगर के मनसे जिला अध्यक्ष सुमित खम्बेकर ने इस अभियान को लेकर कहा, "हम चाहते हैं कि लोग अपने गौरव और पहचान को याद रखें। ये बैनर इसलिए लगाए गए हैं ताकि सबको पता चले कि हमारा दुश्मन कहां दफन है।" उन्होंने यह भी कहा कि यह अभियान इतिहास को जीवंत बनाए रखने की कोशिश है।

पहले भी विवादों में रही औरंगजेब की कब्र

यह पहली बार नहीं है जब औरंगजेब की कब्र चर्चा का विषय बनी है। इससे पहले भी कई संगठनों ने इसे हटाने की मांग की थी, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के संरक्षण में होने के कारण यह अब भी सुरक्षित है। मनसे के इस अभियान ने एक बार फिर इस मुद्दे को सुर्खियों में ला दिया है। हाल ही में रिलीज हुई मराठी फिल्म ‘छावा’ के बाद औरंगजेब से जुड़ी बहस और तेज हो गई है। ये भी पढ़ें- पुष्पा स्टाइल में अनुराग ठाकुर पर भड़के मल्लिकार्जुन खड़गे, बोले- भाजपा मुझे डराकर झुकाना चाहती है, पर मैं झुकूंगा नहीं
Wasif Khan
By Wasif Khan

फिलहाल जुलाई 2024 से पीपुल्स अपडेट में सब-एडिटर हूं। बीते 3 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हूं। 12वीं म...Read More

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