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18 महीने बाद डिनर डिप्लोमेसी :अजीत डोभाल से मिले बांग्लादेश के विदेश मंत्री, रिश्तों में नई रफ्तार के संकेत

अजीत डोभाल के घर बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान का डिनर, 18 महीने बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार की बड़ी पहल माना जा रहा है। नई दिल्ली दौरे में एस. जयशंकर से मुलाकात, गंगा जल समझौता, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और शेख हसीना के मुद्दे पर चर्चा की संभावना, दोनों देशों के रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत।
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अजीत डोभाल से मिले बांग्लादेश के विदेश मंत्री, रिश्तों में नई रफ्तार के संकेत
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में लंबे समय से चली आ रही दूरी अब कम होती नजर आ रही है।  इसी बीच बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान तीन दिवसीय दौरे पर नई दिल्ली पहुंचे, जहां उन्होंने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के आवास पर विशेष डिनर बैठक में हिस्सा लिया। करीब 18 महीने से चले आ रहे तनाव के बाद यह मुलाकात दोनों देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। इस हाई-प्रोफाइल डिनर के जरिए कूटनीतिक संवाद को फिर से मजबूत करने का संकेत मिला है।

    डिनर के जरिए रिश्तों में मिठास लाने की कोशिश

    नई दिल्ली में हुई यह डिनर बैठक महज एक औपचारिक मुलाकात नहीं थी, बल्कि इसे कूटनीतिक पहल के तौर पर देखा जा रहा है। अजीत डोभाल और खलीलुर रहमान के बीच बातचीत में दोनों देशों के संबंधों को सुधारने और विश्वास बहाली पर जोर दिया गया। हालांकि बैठक के बाद कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया, लेकिन जानकारों का मानना है कि दोनों देशों के बीच संवाद को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है।

    सत्ता परिवर्तन के बाद पहली अहम यात्रा

    बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद यह किसी वरिष्ठ मंत्री का पहला भारत दौरा है। पिछले साल अगस्त में शेख हसीना की सरकार के पतन और उसके बाद मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में अंतरिम सरकार बनने से भारत-बांग्लादेश संबंधों में ठंडापन आ गया था। अब तारिक रहमान के नेतृत्व में नई सरकार बनने के बाद दोनों देशों के रिश्तों को पटरी पर लाने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

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    आज एस. जयशंकर से होगी अहम मुलाकात

    अपने दौरे के दौरान खलीलुर रहमान भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात करेंगे। इस बैठक को काफी अहम माना जा रहा है क्योंकि इसमें द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है। सीमा सुरक्षा, व्यापार, ऊर्जा सहयोग और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे मुद्दे इस बातचीत के केंद्र में रह सकते हैं।

    गंगा जल समझौता और व्यापार पर चर्चा संभव

    इस दौरे में गंगा जल बंटवारे से जुड़ी संधि पर भी चर्चा होने की संभावना है, जो जल्द ही समाप्त होने वाली है। इसके अलावा दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने और ऊर्जा आपूर्ति बढ़ाने पर भी बात हो सकती है। बांग्लादेश की ओर से भारत से अतिरिक्त ईंधन आपूर्ति और वीजा नियमों में ढील की मांग उठने की संभावना जताई जा रही है।

    शेख हसीना का मुद्दा भी बना रह सकता है चर्चा का केंद्र

    भारत और बांग्लादेश के बीच एक अहम और संवेदनशील मुद्दा शेख हसीना का भी है, जो पिछले साल अगस्त से भारत में रह रही हैं। बांग्लादेश की नई सरकार उनकी वापसी की मांग कर रही है, हालांकि भारत की ओर से इस पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। इस दौरे के दौरान इस विषय पर भी चर्चा हो सकती है।

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    अल्पसंख्यकों को लेकर सकारात्मक संकेत

    सबसे सकारात्मक बात यह है कि खलीलुर रहमान के भारत आने से ठीक पहले पीएम तारिक रहमान ने अपने इलाके के पांच मंदिरों के लिए 6.5 करोड़ टका देने का ऐलान किया है। इसे भारत के लिए एक बहुत अच्छा संदेश माना जा रहा है, क्योंकि भारत हमेशा से बांग्लादेश में रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाता रहा है। कुल मिलाकर कहें तो यह दौरा सिर्फ एक मुलाकात नहीं, बल्कि दो पड़ोसियों के बीच फिर से हाथ मिलाने और पुराने विवादों को पीछे छोड़कर आगे बढ़ने की एक मजबूत शुरुआत है। 

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

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