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MP News :ग्वालियर में CGST कमिश्नरेट खोलने का प्रपोजल, टैक्स पेयर्स की बढ़ीं उम्मीदें

ग्वालियर में केंद्रीय जीएसटी कमिश्नरेट खोलने के प्रस्ताव पर सेंट्रल बोर्ड ऑफ इनडायरेक्ट टैक्सेस एंड कस्टम्स (CBIC) स्तर पर कवायद शुरू की गई है। इससे टैक्स पेयर्स की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब अंतिम फैसला बोर्ड को करना है। कमिश्नरेट खुलने से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा।
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ग्वालियर में CGST कमिश्नरेट खोलने का प्रपोजल, टैक्स पेयर्स की बढ़ीं उम्मीदें

राजीव सोनी, भोपाल। कमिश्नरेट खुलने से ग्वालियर-चंबल संभाग के कारोबारी और करदाताओं को टैक्स संबंधी मामलों के लिए भोपाल-इंदौर नहीं जाना पड़ेगा। क्षेत्र के व्यापारियों का कहना है कि इससे ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा और रिफंड, क्लैम, इनपुट टैक्स क्रेडिट और अपीलीय मामलों के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। हाल ही में मप्र जीएसटी शिकायत निवारण कमेटी की इंदौर बैठक में भी यह मुद्दा उठ चुका है। इस दौरान आंकड़ों के साथ यह भी बताया गया कि टैक्स पेयर्स को दिए जाने वाले कारण बताओ नोटिस अंतिम समय में भेज दिए जाते हैं। ऐसे मामलों में निराकरण की सीमा भी निर्धारित है।

तेजी से होगा मामलों का निराकरण

कारोबार जगत, उद्यमियों और टैक्स पेयर्स का मानना है कि कमिश्नरेट खुलने से विवादों का स्थानीय स्तर पर शीघ्रता से निराकरण होने लगेगा। इससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी गति मिलेगी। ग्वालियर में ही कमिश्नर स्तर के अधिकारियों की मौजूदगी से ई-वे बिल, वाहनों की जब्ती, सीजीएसटी और केंद्रीय उत्पाद शुल्क से जुड़ी सेवाओं का स्थानीय स्तर पर निराकरण होने लगेगा। कारण बताओ नोटिस और अपीलों की निराकरण प्रक्रिया में तेजी आएगी।

शिकायत निवारण कमेटी ने उठाया मुद्दा 

इंदौर बैठक में मप्र जीएसटी शिकायत निवारण कमेटी अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने टैक्स पेयर्स की समस्याएं रखीं। साथ ही यह भी कहा कि क्लेरिकल मिस्टेक पर भी वाहन जब्ती हो रही है। ऐसे में टैक्स-पेनाल्टी जमा करने पर भी गाड़ी छूट पाती है। इससे मानसिक रूप से परेशानी बढ़ती है। उनका सुझाव था कि यदि टैक्स चोरी हो रही है तो कार्रवाई हो यदि ई-वे बिल में ऐसी गलती मिलती है जिससे टैक्स चोरी न जुड़ी हो तो वाहन जब्ती न की जाए।

रेवेन्यू में बढ़ोतरी

टैक्स पेयर्स ने यह भी तर्क दिया है कि वहां हाईकोर्ट की बेंच भी है। संभाग के लोगों को अपील के लिए भोपाल आना पड़ता है। कमिश्नरेट से विभाग की रेवेन्यू में भी बढ़ोतरी होगी और नए सिरे से जूरिडिक्शन तय होगा।

भोपाल जोन के इन शहरों में है कमिश्नरेट

भोपाल जोन में भोपाल, जबलपुर, उज्जैन, इंदौर, रायपुर और बिलासपुर में सीजीएसटी का कमिश्नरेट मौजूद हैं। भोपाल जोन मुख्यालय में विभाग प्रमुख चीफ कमिश्नर बैठते हैं।

रेवेन्यू कलेक्शन की तस्वीर

भोपाल जोन- इनडायरेक्ट रिवेन्यू कलेक्शन टारगेट- 43 910, कुल कलेक्शन 38, 390, कुल शार्टेज 5520 करोड़ रुपए की रही। मार्च 2026 तक का डाटा।

डिमांड मिली है, बोर्ड करेगा फैसला

ग्वालियर में कमिश्नरेट संबंधी डिमांड मिली है। इस बारे में व्यापक होम वर्क और सर्वे के बाद बोर्ड स्तर पर ही निर्णय होता है। यह प्रपोजल बोर्ड के विचाराधीन है, फिलहाल जल्दी निर्णय होने की संभावना नहीं है।

मानस रंजन मोहंती, चीफ कमिश्नर, सेंट्रल जीएसटी भोपाल जोन (मप्र-छग)

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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