इराक की राजधानी बगदाद से अगवा की गई अमेरिकी पत्रकार शेली किटलसन को सुरक्षित रिहा कर दिया गया। शेली का अपहरण 31 मार्च को हुआ था। इराकी अधिकारी ने बताया कि उन्हें दोपहर में रिहा किया गया और इससे पहले बगदाद में ही रखा गया था।
कताइब हिजबुल्ला, जो ईरान समर्थित इराकी मिलिशिया है, ने पहले अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली थी। लेकिन अब उन्होंने पत्रकार को रिहा करने का फैसला किया। मिलिशिया के एक अधिकारी ने बताया कि शर्त यह रखी गई थी कि शेली रिहाई के तुरंत बाद देश छोड़ दें।
मिलीशिया ने बताया कि यह फैसला इराक के निवर्तमान प्रधानमंत्री मोहम्मद शिया अल-सुदानी के देशभक्तिपूर्ण रवैये का सम्मान करते हुए लिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में ऐसी पहल दोबारा नहीं होगी।
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मिलीशिया के दो सदस्यों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि शेली की रिहाई के बदले उनके कुछ साथी भी छोड़ दिए जाएंगे, जिन्हें पहले इराकी अधिकारियों ने गिरफ्तार किया था।
49 साल की शेली किटलसन एक अनुभवी फ्रीलांस पत्रकार हैं। उन्होंने मुख्य रूप से इराक और सीरिया में रिपोर्टिंग की है। शेली कुछ समय रोम में रही और वहीं से काम करती रहीं। अपहरण से कुछ दिन पहले ही वे इराक लौटी थीं।
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें कई बार सुरक्षा खतरे के बारे में चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने देश छोड़ने से मना कर दिया।
जानकारी के अनुसार, 31 मार्च को शेली का अपहरण दो गाड़ियों के माध्यम से किया गया। पीछा करते समय पहली गाड़ी का हादसा हुआ, जिसके बाद उन्हें दूसरी गाड़ी में बैठाकर फरार कर लिया गया। रिहाई की बातचीत में कई अड़चनें आईं क्योंकि मिलिशिया के नेता संपर्क में नहीं थे और छिपे हुए थे।
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इराकी सरकार शेली की रिहाई के लिए मिलिशिया के छह सदस्यों को छोड़ने के लिए तैयार थी, जिन्हें पहले सीरिया में अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
जनवरी से हिरासत में रहे जापानी नागरिक को ईरान ने जमानत पर रिहा कर दिया। जापान के मुख्य कैबिनेट सचिव मिनोरू किहारा ने टोक्यो में कहा कि रिहाई की पुष्टि सोमवार को हुई। जापान ने ईरानी अधिकारियों से नागरिक की पूर्ण रिहाई की मांग की थी।
ईरान में जापान के राजदूत तमाकी त्सुकाडा ने रिहा किए गए व्यक्ति से मुलाकात कर उनकी सेहत की पुष्टि की। माना जा रहा है कि यह व्यक्ति जापान के एनएचके सार्वजनिक टेलीविजन का पत्रकार है।
फ्रांस के दो नागरिक, सेसिल कोहलर और जैक्स पेरिस, ईरान में साढ़े तीन साल की हिरासत के बाद मंगलवार को स्वदेश लौट गए। उन्हें 2022 से एविन जेल में जासूसी के आरोप में रखा गया था। फ्रांस ने आरोपों को निराधार बताया।
रिहाई के समय फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने ट्वीट किया कि यह उनके और उनके परिवारों के लिए राहत की खबर है। ओमान के अधिकारियों को मध्यस्थता के लिए धन्यवाद भी दिया।
फ्रांसीसी राष्ट्रपति कार्यालय और विदेश मंत्रालय ने यह नहीं बताया कि रिहाई सुनिश्चित करने के लिए क्या समझौता हुआ।