खाना मंगाना या खर्च बढ़ाना?7 महीने में दूसरी बार Zomato ने बढ़ाए प्लेटफॉर्म चार्ज

ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। Zomato ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस ₹12.50 से बढ़ाकर ₹14.90 कर दी है, जो 20 मार्च 2026 से लागू हो गई है। यह फीस हर ऑर्डर पर अलग से ली जाती है और खाने के बिल, जीएसटी व डिलीवरी चार्ज से अलग होती है।
Follow on Google News
7 महीने में दूसरी बार Zomato ने बढ़ाए प्लेटफॉर्म चार्ज
Ai Generated
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

     ऑनलाइन फूड ऑर्डर करना अब जेब पर भारी पड़ने वाला है। जोमैटो ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस बढ़ा दी है। अब हर ऑर्डर पर ग्राहकों को 12.50 रुपए की जगह 14.90 रुपए चुकाने होंगे। यानी हर बार खाना मंगाने पर 2.40 रुपए ज्यादा देने पड़ेंगे। यह नए रेट 20 मार्च 2026 से लागू हो गए है। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जो रोज या अक्सर बाहर से खाना मंगाते हैं।

    यह भी पढ़ें: किसे मिली कमान? जोमैटो फाउंडर गोयल ने अचानक छोड़ा CEO का पद!

    क्या होती है प्लेटफॉर्म फीस?

    प्लेटफॉर्म फीस एक अतिरिक्त चार्ज होता है, जिसे फूड डिलीवरी ऐप अपने प्लेटफॉर्म को चलाने के खर्च के लिए लेती हैं। इसमें ऐप की मेंटेनेंस, टेक्नोलॉजी, कस्टमर सपोर्ट और अन्य डिजिटल सेवाओं का खर्च शामिल होता है। यह फीस हर ऑर्डर पर अनिवार्य रूप से लगती है, चाहे ऑर्डर छोटा हो या बड़ा। खास बात यह है कि यह चार्ज खाने के बिल, GST और डिलीवरी फीस से अलग होता है, इसलिए कुल बिल में अलग से जुड़कर आपकी जेब पर असर डालता है।

    यह भी पढ़ें: जोमैटो ने लॉन्च किया ‘फूड रेस्क्यू’ फीचर, कैंसिल हुए ऑर्डर कम दाम में पा सकेंगे आसपास के कस्टमर, जानिए कैसे करेगा काम

    हर दिन लाखों ऑर्डर, बड़ा असर

    जोमैटो रोजाना लगभग 20 से 25 लाख ऑर्डर डिलीवर करता है। ऐसे में प्लेटफॉर्म फीस में छोटी-सी बढ़ोतरी भी कंपनी के लिए बड़ा मुनाफा ला सकती है। लेकिन दूसरी तरफ, यह बढ़ोतरी आम लोगों के खर्च को धीरे-धीरे बढ़ा देती है।

    स्विगी से मुकाबला भी वजह

    जोमैटो की टक्कर सीधे स्विगी से होती है। अभी स्विगी भी लगभग 14.99 रुपए (टैक्स समेत) प्लेटफॉर्म फीस ले रही है। अक्सर देखा गया है कि जब एक कंपनी अपने चार्ज बढ़ाती है, तो दूसरी भी कुछ समय बाद वही रास्ता अपनाती है। यानी आने वाले दिनों में दोनों प्लेटफॉर्म पर ऑर्डर करना और महंगा हो सकता है।

    क्यों बढ़े दाम?

    इस बढ़ोतरी के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ी वजह है मिडिल ईस्ट से आने वाले कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी। तेल महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च बढ़ जाता है। इससे कंपनी के लॉजिस्टिक्स और ऑपरेशन कॉस्ट पर असर पड़ता है।
    इसके अलावा, जोमैटो अपने मुनाफे को बेहतर बनाने के लिए भी समय-समय पर फीस में बदलाव करता रहता है। कंपनी अब ज्यादा स्थिर और प्रॉफिटेबल बिजनेस मॉडल की तरफ बढ़ रही है।

    7 महीने में दूसरी बार बढ़ी फीस

    यह पहली बार नहीं है जब प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाई गई है। पिछले 7 महीनों में यह दूसरी बढ़ोतरी है। सितंबर 2025 में भी फीस में करीब 20% का इजाफा किया गया था।अगर थोड़ा पीछे जाएं, तो अगस्त 2023 में जोमैटो ने पहली बार 2 रुपए की प्लेटफॉर्म फीस शुरू की थी। तब से लेकर अब तक यह फीस धीरे-धीरे बढ़ती जा रही है।

    अब कितना बढ़ेगा खर्च?

    अगर आप हफ्ते में 3-4 बार खाना ऑर्डर करते हैं, तो हर महीने आपके खर्च में अच्छा-खासा इजाफा हो सकता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts