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10 साल में आउटबाउंड पर्यटन पर युवा खर्च करेंगे 4.6 लाख करोड़ रु.

भारतीयों को लेकर नेविगेटिंग होराइजन्स की रिपोर्ट जारी
10 साल में आउटबाउंड पर्यटन पर युवा खर्च करेंगे 4.6 लाख करोड़ रु.
नई दिल्ली। नेविगेटिंग होराइजन्स नामक एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारतीय यात्री 2034 तक आउटबाउंड पर्यटन पर 4.6 लाख करोड़ रुपए खर्च कर सकते हैं। नांगिया एनएक्सटी और फिक्की द्वारा संयुक्त रूप से तैयार की गई यह रिपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय यात्रा पर खर्च किए पैसों में 11 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर का अनुमान लगाती है। इस वृद्धि का श्रेय बढ़ती शहरी और युवा आबादी को दिया जाता है, जो अंतर्राष्ट्रीय स्थलों की यात्रा में दिलचस्पी रखती हैं।

आउटबाउंड पर्यटन यानी दूसरे देश की यात्रा करना

आउटबाउंड पर्यटन का मतलब होता है अवकाश, व्यवसाय या अन्य उद्देश्यों के लिए अपने देश से दूसरे देश की यात्रा करना। यह पर्यटन उद्योग का एक जरूरी हिस्सा है, जो कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित करता है। लोग आउटबाउंड पर्यटन नए अंतर्राष्ट्रीय स्थानों को देखने और उनकी संस्कृतियों को जानने, व्यावसायिक मीटिंग या सम्मेलनों में भाग लेने, शिक्षा प्राप्त करने, चिकित्सा उपचार या कल्याण सेवाओं का लाभ उठाने और दोस्तों व परिवार से मिलने के लिए करते हैं।

मिस्र समेत ये देश हैं भारतीय यात्रियों की पसंद

रिपोर्ट के अनुसार मिस्र, अजरबैजान और जॉर्जिया जैसे देश अपने समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सुंदरता के कारण भारतीय पर्यटकों के बीच तेजी से लोकप्रियता हासिल कर रहे हैं। इन देशों की यात्रा बेहद सस्ती होती है, जिसके कारण भारतीय इन्हें प्राथमिकता दे रहे हैं। इसके चलते भारतीय आउटबाउंड पर्यटक बाजार की उभरती प्राथमिकताओं को पूरा करते हैं।

भारतीय कर रहे हैं पैकेज्ड टूर का चुनाव

रिपोर्ट के अनुसार भारतीय आउटबाउंड यात्रा बाजार में पैकेज्ड टूर का दबदबा कायम है। करीब 40% यात्री 2024 में पूर्व-योजनाबद्ध पर्यटन को प्राथमिकता दे रहे हैं। भारतीय और शाकाहारी भोजन विकल्पों की उपलब्धता, विशिष्ट पर्यटन के बारे में जागरूकता, वीजा प्राप्त करने में आसानी और अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों की इच्छा से बाजार मजबूत बना है।

मध्यमवर्गीय परिवारों की आय बढ़ने से वृद्धि

नांगिया एनएक्सटी में खेल, मीडिया, मनोरंजन और पर्यटन सलाहकार के कार्यकारी निदेशक एहतेशाम खान ने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों की खर्च करने योग्य आय की वृद्धि और अंतर्राष्ट्रीय रोमांच में बढ़ती रुचि आउटबाउंड पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। उन्होंने कहा कि यह प्रवृत्ति भारत में बदलती सामाजिक और आर्थिक गतिशीलता और यात्रा प्राथमिकताओं और व्यवहार पर उनके प्रभाव को दर्शाती है।

जीडीपी बढ़ेगी, अंतर्राष्ट्रीय संबंध भी मजबूत होंगे

भारत का आउटबाउंड पर्यटन बाजार वृद्धि का अनुभव कर रहा है। अनुमान है कि यह 2024 तक लगभग 156,266 करोड़ रु. तक पहुंच जाएगा। वृद्धि से न केवल विदेशी अर्थव्यवस्थाओं को लाभ होगा, बल्कि भारत की जीडीपी में भी बढ़ोतरी होगी और अंतर्राष्ट्रीय आर्थिक संबंध मजबूत होंगे। - सूरज नांगिया, प्रमुख सार्वजनिक क्षेत्र सलाहकार, नांगिया एनएक्सटी
People's Reporter
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