लखनऊ। दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित AI समिट के दौरान कांग्रेस के प्रदर्शन को लेकर राजनीति रोद्र रूप में पहुंच रही है। समाजवादी पार्टी चीफ अखिलेश यादव और बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को यूथ कांग्रेस के रवैये को गलत बताया। दूसरी ओर शुक्रवार को भाजपा कांग्रेस की इस हरकत के खिलाफ काफी गुस्से में दिखीं और एमपी सहित कई शहरों में भाजपा कार्यकर्ता ने तोड़फोड़ की।
अखिलेश कहते हैं कि जब दुनियाभर से विदेशी प्रतिनिधि हमारे देश पहुंचे हो, तब इस तरह का हंगामा नहीं होना चाहिए। सरकार से लड़ाई देश के अंदर का मामला है, लेकिन विदेशी मेहमानों के सामने ऐसा करने से देश की छवि खराब होती है। वहीं मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि कांग्रेस का प्रदर्शन निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय स्तर का नहीं होता तो बात अलग थी, लेकिन AI समिट जैसे वैश्विक आयोजन के दौरान ऐसा व्यवहार चिंता का विषय है।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि प्रदर्शन करने वाले कथित तौर पर नेपाल के Gen-Z आंदोलन से प्रेरित थे और यह प्रदर्शन किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है।



20 फरवरी को दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित AI समिट 2026 के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध में प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए थे। प्रदर्शन के दौरान 10 से ज्यादा कार्यकर्ता सफेद रंग की टी-शर्ट पहने नजर आए। इन टी-शर्ट्स पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की तस्वीर लगी थी, जिस पर लिखा था- पीएम इज कॉम्फ्रमाइज्ड
इस मामले में जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें बिहार से यूथ कांग्रेस के नेशनल सेक्रेटरी कृष्ण हरि, बिहार IYC के स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश IYC के स्टेट प्रेसिडेंट अजय कुमार और तेलंगाना से नरसिम्हा यादव शामिल हैं।