हिंदू पंचांग के अनुसार, होली से आठ दिन पहले का समय होलाष्टक कहलाता है। ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं में इन आठ दिनों को अशुभ माना गया है। इस दौरान सभी शुभ और मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है।
होलाष्टक फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से शुरू होकर पूर्णिमा तक रहता है।
शुरुआत: 24 फरवरी 2026
समापन: 3 मार्च 2026
पौराणिक कथाओं के अनुसार, इन आठ दिनों में हिरण्यकश्यप ने अपने पुत्र प्रहलाद को भगवान विष्णु की भक्ति छोड़ने के लिए बहुत कष्ट दिए थे। प्रहलाद ने इस समय गहरे दुख सहन किए थे, इसलिए इन दिनों को शुभ कार्यों के लिए अच्छा नहीं माना जाता।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, होलाष्टक के दौरान सूर्य, चंद्रमा, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि और राहु उग्र अवस्था में रहते हैं, जिससे नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।