यह थाना हैं बदनाम - क्योंकि यहाँ होती हैं अपराधियों की ख़ातिरदारी: पढे पूरी खबर

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यह थाना हैं बदनाम - क्योंकि यहाँ होती हैं अपराधियों की  ख़ातिरदारी: पढे पूरी खबर
फाइल फ़ोटो
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

     इंदौर -  पुलिस कमिश्नर संतोष सिंग के आने के बाद गुंडे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो सकते हैं। यदि अपराधियों ने अपराध किए तो उनके प्लास्टर लगे फ़ोटो जरूर दूसरे दिन अखबारों में दिखाई देते हैं। इंदौर शहर में कई थाने ऐसे हैं जो उनके नाम से तो कुछ उनके काम से वो जाने जाते हैं। कुछ दिन पहले विजय नगर इलाके में हुई एक हत्या में पुलिस मुख्य आरोपी को पकड़ती की उन्होंने कोर्ट में सरेंडर कर दिया । लेकिन यदि पहले वो पुलिस के हाथ लगते तो उनका सुरते हाल कुछ और होता लेकिन इसे अपराधियों का डर कहे या फिर पुलिस का खौफ गलत नहीं होगा।   


    लेकिन शहर में विजय नगर एक ऐसा थाना हो गया हैं ,जो अभी काफी बदनाम हो गया हैं। वो भी इस के लिए क्योंकि इस थाने में अपराधियों की अच्छी खातिरदारी हो रही हैं। वो भी ऐसी की घबरा कर अपराधी या तो कोर्ट में ही सरेंडर कर देता हैं। या फिर इलाका छोड़ देता हैं । यदि किसी प्रकार की कोई गंभीर घटना के बाद यदि वो अपराधी पुलिस के हाथ लग जाता हैं । तो उनकी ऐसी खातिरदारी होती की वो अपराध से तोबा कर लेता हैं। 
     
    शहर के विजय नगर थाने के रिकॉर्ड इस समय बेकार हैं। वो इस लिए क्योंकि थाना क्षेत्र के स्कीम नंबर 54 में वाइन शॉप के पास शनिवार रात 19 वर्षीय पार्थ दीवान की तीन से अधिक बदमाशों ने चाकू मारकर हत्या कर दी। लेकिन पुलिस के खोफ से बचने के लिए आरोपियों ने कोर्ट की शरण ले ली वो सिर्फ इसलिए की यदि आरोपी पुलिस के हाथ लगते तो पुलिस उनकी खातिरदारी ऐसी करती की वो भी याद रखते और अन्य बदमाशों के लिए भी वो एक सबक हो जाता। एलकीं पुलिस दबिश दे रही थी उसी बीच मुख्य आरोपी निकुंज गुप्ता और उसके एक नाबालिग साथी ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया।वो भी इस लिए क्योंकि उन्हे यह जानकारी थी कि यदि पुलिस ने पकड़ा तो उनके फ़ोटो प्लास्टर वाले ही सामने आते। लेकिन इस मामले में पुराना अपराधी व आरोपी शोभित चौहान अभी भी फरार है। जबकि लविश वाडे को पुलिस ने वारदात के तुरंत बाद घर से गिरफ्तार कर लिया था। बाकी दो आरोपी निकुंज गुप्ता और नाबालिग कोर्ट में सरेंडर कर चुके हैं।
     
     
     
     दो माह पहले भी आरोपियों के दिखे थे प्लास्टर लगे फ़ोटो
     
    दो माह पूर्व स्कीम नंबर 54 स्थित मेघदूत गार्डन के सामने वाली सड़क पर नंदा नगर निवासी लेखराज जाटव की हत्या कर दी गई थी। घटना के समय मृतक अपने बड़े भाई शुभम जाटव और दोस्त बंटी के साथ था, तभी रास्ते में तीन बदमाशों में से एक ने उन पर पान थूक दिया। लेखराज ने जब इसका विरोध किया तो बदमाशों ने चाकू से उसके सीने पर वार कर मौत के घाट उतार दिया था। जिसमें पकड़ाए आरोपी राज अहिरवार , पवन रजक,और जगदीश सिसोदिया (उम्र 33 वर्ष) को गिरफ्तार किया था लेकिन इसकी भी खातिरदारी कुछ अलग अंदाज में हुई थी।   
     
     सतीश भाऊ को बनाया था केबिन में मुर्गा –
     
    जुलाई 2021 में सिंडिकेट ऑफिस मे हुई गोलीकांड के सभी आरोपियों का भी विजय नगर पुलिस ने यही हाल किया था। विष्णुउस्ताद हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुख्यात गुंडा सतीश भाऊ जिसके नाम का कुछ समय पहले सिक्का चलता था। उसे भी सिंडीकेट गोलीकांड में विजय पुलिस ने थाने में मुर्गा बनाकर बैठाया था। वही आरोपी की हेकड़ी निकालने के लिए उसका इलाके में जुलूस भी निकाला था। जो आरोपी कल तक जो बदमाश लाखों रुपये कीमती लग्जरी कारों में सवारी करते थे, वो पसीना-पसीना हो रहे थे। शहर की गैंग का सदस्य सतीश भाऊ जिस पकड़ने के बाद उसे थाने में मुर्गा भी बनवाया था वही उसकी तस्वीरे भी वायरल की थी। आरोपी सतीश भाऊ, चिंटू ठाकुर, शूटर रितेश करोसिया और मोनू उर्फ सुजीत का महालक्ष्मी नगर में पैदल जुलूस निकाला था।

    Hemant Nagle
    By Hemant Nagle

    हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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