LPG Price Hike :घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा, मिडिल ईस्ट युद्ध का भारत पर असर; जानें नई कीमतें

भारत में 7 मार्च 2026 से घरेलू LPG सिलेंडर 60 रुपए महंगा हो गया है। दिल्ली में कीमत 913 रुपए पहुंच गई है। कॉमर्शियल सिलेंडर भी 115 रुपए तक महंगा हुआ है। मिडिल ईस्ट में युद्ध, होर्मुज जलडमरूमध्य संकट और कतर LNG सप्लाई में बाधा इसके बड़े कारण बताए जा रहे हैं।
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घरेलू गैस सिलेंडर 60 रुपए महंगा, मिडिल ईस्ट युद्ध का भारत पर असर; जानें नई कीमतें
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    बिजनेस डेस्क। देश में महंगाई का दबाव झेल रहे आम लोगों को एक और झटका लगा है। केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। नई कीमतें 7 मार्च 2026 से लागू हो गई हैं। इसके बाद राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाला घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपए का हो गया है, जो पहले 853 रुपए में मिल रहा था।

    सिर्फ घरेलू सिलेंडर ही नहीं, बल्कि 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में भी करीब 114 से 115 रुपए तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार ने यह फैसला ऐसे समय में लिया है जब मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध, ऊर्जा सप्लाई संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बढ़ते खतरे को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है।

    बड़े शहरों में घरेलू LPG सिलेंडर के नए दाम

    7 मार्च से लागू नई कीमतों के बाद देश के बड़े शहरों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम इस प्रकार हैं-

    शहर

    नए दाम (₹)

    पुराने दाम (₹)

    बढ़ोतरी

    दिल्ली

    913

    853

    +60

    कोलकाता

    939

    879

    +60

    मुंबई

    912.5

    852.5

    +60

    चेन्नई

    928.5

    868.5

    +60

    भोपाल

    918.5

    858.5

    +60

    जयपुर

    916.5

    856.5

    +60

    पटना

    1011

    951

    +60

    रायपुर

    984

    924

    +60

    इस बढ़ोतरी के बाद कई शहरों में गैस सिलेंडर की कीमत 1000 रुपए के करीब पहुंच गई है।

    कॉमर्शियल सिलेंडर के दाम भी बढ़े

    घरेलू सिलेंडर के साथ-साथ होटल, रेस्टोरेंट और कारोबार में इस्तेमाल होने वाले कॉमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतें भी बढ़ा दी गई हैं।

    शहर

    नए दाम (₹)

    पुराने दाम (₹)

    बढ़ोतरी

    दिल्ली

    1883

    1768.5

    +114.5

    कोलकाता

    1990

    1875.5

    +114.5

    मुंबई

    1835

    1720.5

    +114.5

    चेन्नई

    2043.5

    1929

    +114.5

    भोपाल

    1910.5

    1796

    +114.5

    जयपुर

    1990

    1875.5

    +114.5

    पटना

    2150

    2035.5

    +114.5

    रायपुर

    2109.5

    1995

    +114.5

    कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमत बढ़ने से रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड बिजनेस पर सीधा असर पड़ सकता है।

    करीब एक साल बाद बढ़े घरेलू गैस के दाम

    इससे पहले सरकार ने 8 अप्रैल 2025 को घरेलू गैस सिलेंडर की कीमतों में 50 रुपए की बढ़ोतरी की थी। यानी लगभग एक साल बाद फिर से घरेलू गैस महंगी हुई है। हालांकि मार्च 2026 की शुरुआत में ही कॉमर्शियल सिलेंडर 31 रुपए महंगा किया गया था।

    यह भी पढ़ें: Iran-Israel War Impact: रसोई गैस की सप्लाई पर सरकार अलर्ट, रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश

    सरकार ने LPG प्रोडक्शन बढ़ाने का दिया आदेश

    गैस सप्लाई को लेकर संभावित संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने 5 मार्च 2026 को एक बड़ा फैसला लिया। सरकार ने इमरजेंसी पावर का इस्तेमाल करते हुए देश की सभी तेल रिफाइनरी कंपनियों को LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश दिया है।

    सरकार के निर्देश के अनुसार-

    • प्रोपेन और ब्यूटेन का उपयोग प्राथमिकता से LPG बनाने में किया जाएगा।
    • इन गैसों की सप्लाई सरकारी तेल कंपनियों को दी जाएगी।
    • पेट्रोकेमिकल उत्पादन में इनका उपयोग सीमित किया जाएगा।

    इसका मकसद यह है कि देश में रसोई गैस सिलेंडर की सप्लाई में कोई बाधा न आए।

    इन सरकारी कंपनियों को मिलेगा गैस सप्लाई

    सरकार ने प्रोपेन और ब्यूटेन की सप्लाई मुख्य रूप से तीन सरकारी कंपनियों को देने का निर्देश दिया है।

    • इंडियन ऑयल (IOC)
    • हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL)
    • भारत पेट्रोलियम (BPCL)

    ये कंपनियां देशभर में LPG की सप्लाई करती हैं और करोड़ों उपभोक्ताओं तक गैस पहुंचाने का काम करती हैं।

    भारत में LPG की खपत और निर्भरता

    भारत दुनिया के सबसे बड़े LPG उपभोक्ताओं में से एक है।

    आंकड़ा

    विवरण

    कुल वार्षिक खपत

    33.15 मिलियन मीट्रिक टन

    आयात पर निर्भरता

    67%

    कुल उपभोक्ता

    33.2 करोड़

    मिडिल ईस्ट से आयात

    85-90%

    इससे साफ है कि, भारत LPG के लिए काफी हद तक विदेशी सप्लाई पर निर्भर है।

    गैस सप्लाई संकट की दो बड़ी वजह

    1. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज संकट

    भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज है। यह करीब 167 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग है। फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के करीब 20% तेल और गैस की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है।

    भारत अपनी जरूरत का 50% कच्चा तेल और 54% LNG इसी रूट के जरिए आयात करता है। मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण यह समुद्री मार्ग अब जोखिम में आ गया है।

    2. कतर के LNG प्लांट पर असर

    भारत की गैस सप्लाई का एक बड़ा हिस्सा कतर से आता है। भारत अपनी 40% LNG जरूरत कतर से पूरी करता है। यह करीब 2.7 करोड़ टन गैस सालाना है। हाल ही में मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कतर के LNG प्लांट पर ड्रोन हमले की खबरों के बाद उत्पादन प्रभावित हुआ है। अगर सप्लाई बाधित होती है तो भारत को स्पॉट मार्केट से महंगी गैस खरीदनी पड़ सकती है।

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    CNG कंपनियों ने भी जताई चिंता

    गैस सप्लाई को लेकर देश की सिटी गैस कंपनियां भी चिंतित हैं। एसोसिएशन ऑफ सीजीडी एंटिटीज (ACE) ने सरकारी कंपनी GAIL को पत्र लिखकर स्थिति पर स्पष्टता मांगी है।

    कंपनियों का कहना है कि, अगर कतर से सस्ती गैस नहीं मिली तो उन्हें स्पॉट मार्केट से महंगी गैस खरीदनी पड़ेगी। फिलहाल स्पॉट मार्केट में गैस की कीमत 25 डॉलर प्रति यूनिट तक पहुंच गई है, जो कॉन्ट्रैक्ट गैस से काफी ज्यादा है। कंपनियों को यह भी डर है कि, अगर CNG के दाम बढ़ते हैं, तो लोग स्थायी रूप से इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की ओर शिफ्ट हो सकते हैं।

    प्राइवेट कंपनियों पर भी पड़ेगा असर

    सरकार के फैसले का असर प्राइवेट कंपनियों पर भी पड़ सकता है। खासतौर पर रिलायंस इंडस्ट्रीज, क्योंकि अब प्रोपेन और ब्यूटेन को पेट्रोकेमिकल उत्पादन के बजाय LPG बनाने में इस्तेमाल किया जाएगा।

    इससे पॉलीप्रोपाइलीन और अल्काइलेट्स जैसे पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन में कमी आ सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि, ये उत्पाद आमतौर पर LPG के मुकाबले ज्यादा मुनाफा देते हैं।

    कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत

    LPG की कीमत हर महीने तेल कंपनियां तय करती हैं। इसके लिए मुख्य कारक होते हैं-

    • अंतरराष्ट्रीय गैस की कीमत
    • डॉलर के मुकाबले रुपए का एक्सचेंज रेट
    • ट्रांसपोर्ट लागत
    • टैक्स और डीलर कमीशन

    इन सभी को जोड़कर खुदरा कीमत तय की जाती है। अगर सिलेंडर पर सब्सिडी लागू होती है, तो उसका अंतर सरकार देती है।

    यह भी पढ़ें: क्या तेल संकट से डर गया अमेरिका? ईरान जंग के बीच भारत को दी रूस से तेल खरीदने की परमिशन

    ESMA के तहत जारी हुआ आदेश

    सरकार ने LPG उत्पादन बढ़ाने का आदेश एसेंशियल कमोडिटी एक्ट 1955 (Essential Commodities Act) के तहत दिया है। यह कानून सरकार को यह अधिकार देता है कि वह जरूरी वस्तुओं की सप्लाई नियंत्रित करे, कीमतों को स्थिर रखने के लिए कदम उठाए और संकट के समय उत्पादन बढ़ाने के निर्देश दे। इससे पहले यूक्रेन युद्ध के दौरान भी सरकार ने इसी कानून का इस्तेमाल किया था।

    भारत के पास बैकअप प्लान

    हालांकि हालात चुनौतीपूर्ण हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि घबराने की जरूरत नहीं है।

    रूस से बढ़ी तेल खरीद

    भारत अब अपनी जरूरत का करीब 20% कच्चा तेल रूस से आयात कर रहा है।

    पर्याप्त स्टॉक

    सरकारी सूत्रों के मुताबिक देश में पेट्रोलियम और LPG का पर्याप्त भंडार मौजूद है। इससे तत्काल गैस किल्लत की संभावना कम मानी जा रही है।

    पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर पड़ सकता है असर

    विशेषज्ञों का कहना है कि, अगर मिडिल ईस्ट में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है तो इसका असर सिर्फ LPG ही नहीं बल्कि, पेट्रोल, डीजल और CNG की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि, सरकार ने वैकल्पिक सप्लाई और घरेलू उत्पादन बढ़ाकर स्थिति संभालने की तैयारी शुरू कर दी है।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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