
इंदौर। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की नियुक्ति के बाद 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, नहीं तो नौकरी से निकलवा देने की धमकी दी। इस पर बातचीत के बाद किश्तों में रिश्वत देना तय हुआ, जिसकी पहली किश्त 4 हजार रुपए लेते हुए इंदौर के खालवा विकासखंड के रोशनी ग्राम पंचायल की महिला पर्यवेक्षक को लोकायुक्त इंदौर की पुलिस टीम ने रंगे हाथों धर-दबोचा।
नियुक्ति के बदले रिश्वत मांगने की शिकायत आंगनवाड़ी कार्यकर्ता किरन वाड़िबा आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ग्राम पलासपुर ने लोकायुक्त इंदौर पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। इसमें आवेदिका ने बताया कि उसकी नियुक्ति के बाद से ही श्रीमती संतोष कोचले पर्यवेक्षक महिला बाल विकास खालवा 50 हजार रुपए की रिश्वत मांग रही है और नही देने पर नौकरी खत्म करवाने की धमकी दे रही है। बातचीत के बाद किश्तों में रिश्वत पर तैयार है और पहली किश्त 4 हजार रुपए मंगवाए हैं।
पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त इंदौर राजेश सहाय ने रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन करवाया, जिसमें शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप दल का गठन किया गया। इसमें कार्यवाहक निरीक्षक श्रीमती प्रतिभा तोमर, कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आदित्य सिंह भदौरिया, आरक्षक शैलेंद्र सिंह बघेल, आरक्षक चेतन सिंह परिहार, आरक्षक कृष्णा अहिरवार, महिला आरक्षक प्रियंका लोधी एवं अनीता प्रजापति को शामिल किया गया।
लोकायुक्त ट्रैप दल ने रिश्वत के आदान-प्रदान वाली जगह रोशनी ग्राम पंचायत की घेराबंदी की गई। इसके बाद जैसे ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से महिला पर्यवेक्षक श्रीमती संतोष कोचले सेक्टर -लखनपुर बंदी ने 4 हजार रुपए की रिश्वत ली, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के अंतर्गत कार्यवाही की गई।