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कांग्रेस नेताओं को लगाया चूना!राहुल गांधी के नाम पर करोडों की ठगी, फर्जी PA बनकर उड़ाता रहा पैसे

कांग्रेस नेताओं को बड़ा पद और चुनाव टिकट दिलाने का झांसा देकर करोड़ों की ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने खुद को राहुल गांधी के पूर्व पीए कनिष्क सिंह के नाम से पेश किया और नकली ट्रू कॉलर प्रोफाइल व रिकॉर्डिंग्स के जरिए नेताओं का भरोसा जीत लिया।
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राहुल गांधी के नाम पर करोडों की ठगी, फर्जी PA बनकर उड़ाता रहा पैसे

नई दिल्ली। देश की राजनीति में पहचान और पहुंच का फायदा उठाकर एक शख्स ने बड़ा फ्रॉड रच दिया। अमृतसर निवासी गौरव कुमार (42) पर आरोप है कि उसने खुद को कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं से जुड़ा प्रभावशाली व्यक्ति बताकर कई नेताओं और कार्यकर्ताओं से करोड़ों रुपए की ठगी की। वह चुनाव टिकट और पार्टी में बड़े पद दिलाने का झांसा देता था। देहरादून पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है और अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

कैसे हुआ खुलासा?

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब उत्तराखंड की कांग्रेस नेता भावना पांडे ने राजपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके साथ 25 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई है। शिकायत के मुताबिक, एक व्यक्ति ने खुद को कनिष्क सिंह बताया, जो कभी राहुल गांधी के निजी सचिव रह चुके हैं। आरोपी ने दावा किया कि वह कांग्रेस High Command से जुड़ा है और उन्हें प्रदेश अध्यक्ष जैसे बड़े पद दिला सकता है।

नकली पहचान और डिजिटल चालाकी

जांच में सामने आया कि आरोपी ने तकनीक का इस्तेमाल बहुत चालाकी से किया। उसने नकली ट्रू कॉलर प्रोफाइल बनाकर खुद को कनिष्क सिंह के नाम से दिखाया। कांग्रेस नेताओं की जानकारी के लिए myneta.info जैसी वेबसाइटों का इस्तेमाल किया। नेताओं की पृष्ठभूमि और संपर्क सूची जुटाकर टारगेट तय किए। फोन कॉल में नेताओं की रिकॉर्डिंग सुनाकर भरोसा जीतने की कोशिश की।

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25 लाख की ठगी का पूरा खेल

भावना पांडे के अनुसार आरोपी ने कहा कि कांग्रेस की राज्य इकाई में बड़ा बदलाव होने वाला है और इसके लिए ऊपर तक पैसे पहुंचाने होंगे। 13 अप्रैल को आरोपी के साथी ने उनके घर जाकर पैसे लिए। कुल 25 लाख रुपये दिए गए इसके बाद आरोपी ने संपर्क तोड़ दिया।

कैसे करता था लोगों को टारगेट?

आरोपी खुद को बहुत इनसाइड सिस्टम वाला व्यक्ति दिखाता था। दावा करता था कि वह राहुल गांधी के पूर्व पीए से जुड़ा है। नेताओं को टिकट और पद का लालच देता था। राजनीतिक असंतोष और बदलाव की अफवाहें फैलाकर भरोसा जीतता था। बातचीत में हाई लेवल पॉलिटिक्स की भाषा इस्तेमाल करता था। 

कई राज्यों में फैला था नेटवर्क

पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है कि यह कोई एक घटना नहीं थी, बल्कि लंबे समय से चल रहा नेटवर्क था। अलग-अलग राज्यों में ठगी के आरोप-

  • 2017: जयपुर में एक नेता से 1.90 करोड़ रुपए की ठगी
  • राजस्थान में एक अन्य केस में 12 लाख रुपए
  • 2021: लुधियाना और संगरूर में अलग-अलग लोगों से पैसे
  • 2025: पटना में 3 लाख रुपए की धोखाधड़ी

गिरोह भी था साथ

जांच में सामने आया है कि गौरव अकेला नहीं था। उसके साथ कुछ लोग भी जुड़े हुए थे। छज्जू, रजत, मदन और मनिंदर सिंह कालू पुलिस अब इन सभी की तलाश कर रही है। माना जा रहा है कि यह एक संगठित गिरोह है जो राजनीतिक पहचान का फायदा उठाता था।

किन नेताओं को बनाया निशाना?

आरोपी ने कई बड़े नेताओं को भी निशाने पर लिया। सोनिया आनंद, सुनीता प्रकाश, जसविंदर सिंह गोगी, शीशपाल बिष्ट और अन्य स्थानीय कांग्रेस पदाधिकारी शामिल है। कुछ लोग सामने आए हैं, लेकिन कई अभी चुप हैं।

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पुलिस जांच में नए खुलासे

पुलिस के अनुसार आरोपी के पास कई हाई-प्रोफाइल नेताओं की रिकॉर्डिंग भी मिली है। इनमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, विधायक प्रीतम सिंह और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत शामिल है। इन रिकॉर्डिंग्स का इस्तेमाल वह भरोसा बनाने के लिए करता था।

गिरफ्तारी और कोर्ट की कार्रवाई

देहरादून पुलिस ने आरोपी को जाखन इलाके से गिरफ्तार किया, जब वह एक और नेता से पैसे लेने की कोशिश कर रहा था। कोर्ट ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत दी। पुलिस अब रिमांड लेकर गहराई से पूछताछ करेगी। अन्य राज्यों में दर्ज मामलों की जांच भी जारी है। 

पुलिस और वकीलों पर आरोप

इस केस में नया मोड़ तब आया जब आरोपी के भाई रवि कुमार ने आरोप लगाया कि  एक दारोगा और दो वकीलों ने 3 लाख रुपए लिए। कहा गया था कि पैसे देने पर आरोपी को छोड़ा जाएगा। पैसे लेने के बाद भी कोई राहत नहीं मिली। 

जांच अभी जारी

पुलिस अब इन पहलुओं पर काम कर रही है क्या और भी लोग इस ठगी का शिकार हुए हैं।  गिरोह का पूरा नेटवर्क, डिजिटल फर्जीवाड़े की तकनीक, राजनीतिक संपर्कों का दुरुपयोग किया गया।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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