व्हाइट हाउस के बाहर चली गोलियां, ट्रंप थे अंदर...कौन था हमलावर जिसने मचा दी सनसनी?

अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में अचानक गोलियों की ताबड़तोड़ आवाज से अफरा-तफरी मच गई। व्हाइट हाउस के पास हुई इस फायरिंग ने पूरे इलाके को कुछ ही मिनटों में हाई अलर्ट पर पहुंचा दिया। सबसे बड़ी बात यह रही कि घटना के वक्त अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप व्हाइट हाउस के अंदर मौजूद थे। हालांकि सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत मोर्चा संभालते हुए हालात को काबू में लिया और ट्रंप पूरी तरह सुरक्षित रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शाम करीब छह बजे 17वीं स्ट्रीट और पेनसिल्वेनिया एवेन्यू के पास एक युवक संदिग्ध हालत में घूमता दिखाई दिया। उसके पास एक बैग था और वह तेजी से सीक्रेट सर्विस के चेकपॉइंट की ओर बढ़ रहा था। वहां तैनात अधिकारियों को कुछ समझ आता, उससे पहले ही उसने बैग से पिस्तौल निकाली और अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
चेकपॉइंट पर मची भगदड़
फायरिंग शुरू होते ही इलाके में मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स ने तत्काल जवाबी कार्रवाई की और हमलावर को घेर लिया। कुछ सेकेंड तक दोनों तरफ से गोलियां चलती रहीं। अधिकारियों के अनुसार, हमलावर को कई गोलियां लगीं और वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। बाद में उसकी पहचान 21 वर्षीय नसीरे बेस्ट के तौर पर हुई, जो मैरिलैंड का रहने वाला था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वह पहले भी कई बार सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी में आ चुका था।
घटना के वक्त व्हाइट हाउस में थे ट्रंप
फायरिंग की सूचना मिलते ही व्हाइट हाउस परिसर को तुरंत लॉकडाउन कर दिया गया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उस समय भवन के अंदर मौजूद थे। सुरक्षा एजेंसियों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि हमलावर व्हाइट हाउस की मुख्य सुरक्षा सीमा तक नहीं पहुंच पाया था। सीक्रेट सर्विस ने उसे बाहरी सुरक्षा घेरा पार करने से पहले ही रोक दिया। इसी वजह से राष्ट्रपति की सुरक्षा पर कोई सीधा खतरा नहीं आया।
पहले भी एजेंसियों के रडार पर था आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, नसीरे बेस्ट का नाम पहले भी सुरक्षा मामलों में सामने आ चुका था। रिपोर्ट्स के अनुसार, जून 2025 में उसे सीक्रेट सर्विस एजेंट्स को धमकी देने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इसके अलावा जुलाई 2025 में वह एक प्रतिबंधित इलाके में घुसने की कोशिश करते हुए भी पकड़ा गया था। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा था। हालांकि उसने इस हमले को अंजाम क्यों दिया, इसकी जांच अभी जारी है। सुरक्षा एजेंसियां उसके मोबाइल, सोशल मीडिया अकाउंट और हाल के संपर्कों की भी जांच कर रही हैं।
20 से ज्यादा राउंड फायरिंग का दावा
घटना के बाद कई चश्मदीदों ने लगातार गोलियों की आवाज सुनने की बात कही। आजतक से बातचीत में व्हाइट हाउस कवर करने वाले एक रिपोर्टर ने दावा किया कि हमलावर ने करीब 20 से 25 राउंड फायरिंग की। वहीं स्थानीय मीडिया की कुछ रिपोर्ट्स में कम से कम तीन राउंड गोली चलने की बात कही गई है। फायरिंग में एक आम नागरिक भी घायल हुआ है। हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि उसे गोली हमलावर की तरफ से लगी या जवाबी कार्रवाई के दौरान वह घायल हुआ। इसके अलावा एक सीक्रेट सर्विस एजेंट को भी एहतियात के तौर पर अस्पताल ले जाया गया।
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पूरे वॉशिंगटन में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद वॉशिंगटन डीसी में सुरक्षा व्यवस्था और तेज कर दी गई है। व्हाइट हाउस के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती की गई। कई रास्तों को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया गया ताकि जांच प्रभावित न हो। अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की पड़ताल कर रही हैं कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके पीछे कोई और नेटवर्क भी सक्रिय था। फिलहाल एफबीआई और सीक्रेट सर्विस दोनों मिलकर मामले की जांच कर रही हैं।












