Peoples Update Special :EPFO में संस्थानों के विवादित मामलों को खत्म करने की मुहिम

राजीव सोनी, भोपाल। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के साथ कोर्ट में चल रहे विवादों को सुलझाने 'मिशन मोड' में विशेष मुहिम शुरू की गई है। इसमें निधि आपके निकट कार्यक्रम और ट्रिब्यूनल अभियान जैसे कार्यक्रम भी हैं। मप्र और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में कंज्यूमर फोरम और कोर्ट में चल रहे वर्षों पुराने मामले चिन्हित किए गए हैं। देश ऐसे मुकदमों की संख्या 27 हजार से ज्यादा है। मामले जल्दी निपटाने ईपीएफओ ने बड़ी संख्या में वकीलों को भी इम्पैनल किया है। विभागीय सूत्रों का कहना है कि मप्र-छग में ज्यादातर विवाद देरी से पीएफ जमा करने, पीएफ खातों की राशि, पेंशन और सदस्यों के दस्तावेज संबंधी मामले हैं। देरी से पीएफ जमा करने पर लगने वाली पेनाल्टी में छूट देकर सैटलमेंट करने की पहल की गई है।
खातों में ब्याज राशि क्रेडिट
15 जुलाई तक मप्र-छग के 1.11 करोड़ पीएफ खातों में 8.25 फीसदी ब्याज राशि जमा कर दी गई है। 1.14 करोड़ पीएफ खाते हैं। इस साल केंद्र सरकार एवं बोर्ड ने पिछले वर्षों की तुलना में काफी पहले ब्याज राशि क्रेडिट करने का निर्णय डिक्लेयर कर सभी राज्यों को निर्देशित कर दिया।
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सहमति से सुलझेंगे मामले
बताया जाता है कि ईपीएफओ ने विवादित मामलों को आपसी सहमति से वापस लेने की मुहिम सभी राज्यों में शुरू की है। इसके लिए सरकार ने सभी राज्यों में वकीलों को इम्पैनल किया है। इस बार उनके लिए बढ़ी हुई फीस के साथ सेवा शर्तें तय की गई हैं।
विवादित मामलों के खात्मे की मुहिम
मप्र-छग के 88 जिलों में 27 जुलाई को ''निधि आपके निकट '' कार्यक्रम में आपसी सहमति से मामले सुलझाए जाएंगे। कंज्यूमर फोरम के 155 केस निराकरण के लिए चिन्हित किए गए जो घटकर अब 124 रह गए हैं। 31 मामलों की सुनवाई निर्धारित है। तकनीकी और पीएफ ट्रांसफर जैसे मामलों को भी मौके पर सुलझाया जाएगा।
गौतम, अपर केंद्रीय भविष्य निधि आयुक्त, मप्र-छग
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