नेशनल डेस्क। हरियाणा के राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस के पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगा है, जिसके चलते पार्टी ने उन्हें नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। हालांकि इस राजनीतिक खींचतान के बीच एक पारिवारिक विवाद ने भी सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। पलवल जिले के हथीन से कांग्रेस विधायक चौधरी मोहम्मद इसराइल के बेटे नाजिम चौधरी ने सार्वजनिक रूप से अपने पिता से रिश्ते खत्म करने की घोषणा कर दी है। इस बयान ने राजनीतिक विवाद को व्यक्तिगत विवाद में बदल दिया है, जिसकी चर्चा राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों में भी हो रही है।
नाजिम चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि अब उनका अपने पिता से कोई संबंध नहीं रहेगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस रिश्ते के दोबारा जुड़ने की कोई संभावना नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने चाचा डीएसपी एमएस खान से भी दूरी बनाने का ऐलान कर दिया। नाजिम के इस बयान को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। राजनीतिक मामलों में पारिवारिक दरार की यह घटना लोगों को चौंका रही है और इसे राजनीतिक दबाव या निजी मतभेद से जोड़कर देखा जा रहा है।
हरियाणा से राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय भाटिया ने एक सीट पर आसान जीत दर्ज की। वहीं दूसरी सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौध ने निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल को कड़े मुकाबले में हराया। चुनाव के दौरान पांच वोट अमान्य घोषित किए गए, जिनमें से चार वोट कांग्रेस विधायकों के बताए जा रहे हैं। इसी बीच पांच विधायकों पर क्रॉस वोटिंग करने का आरोप लगा, जिससे पार्टी की रणनीति पर सवाल खड़े हो गए।
कांग्रेस ने जिन पांच विधायकों को नोटिस भेजा है, उनमें मुहम्मद इलियास, मुहम्मद इसराइल, रेनू बाला, शैली चौधरी और जरनैल सिंह शामिल हैं। पार्टी ने उनसे उनके वोटिंग पैटर्न को लेकर स्पष्टीकरण मांगा है और निर्धारित समय सीमा में जवाब देने को कहा है। इस घटनाक्रम से साफ है कि राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस के अंदरूनी समीकरणों को भी प्रभावित किया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर पार्टी का रुख और विधायकों का जवाब राजनीतिक दिशा तय कर सकता है।