Peoples Update Special :मप्र को मिलने वालीं स्मार्ट ई-बस में व्हीलचेयर यूजर की लिफ्ट से होगी एंट्री

शहर में आने वाली नई 25-सीटर एसी इलेक्ट्रिक बसों में ऑटोमैटिक व्हीलचेयर लिफ्ट लगाई गई हैं। इस लिफ्ट की मदद से व्हीलचेयर पर बैठे दिव्यांग यात्री बिना किसी व्यक्ति की सहायता के सीधे बस में पहुंच सकेंगे। लिफ्ट 45 सेकंड में खुलेगी।
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मप्र को मिलने वालीं स्मार्ट ई-बस में व्हीलचेयर यूजर की लिफ्ट से होगी एंट्री
प्रतीकात्मक चित्र।

लेखक : शाहिद खान, भोपाल। राजधानी में बेपटरी हो चुके पब्लिक ट्रांसपोर्ट में जल्द ऐसा बदलाव दिखेगा, जो अब तक सिर्फ बड़े शहरों या एयरपोर्ट जैसी आधुनिक ट्रांसपोर्ट सुविधाओं में देखने को मिलता था। शहर में आने वाली नई 25-सीटर एसी इलेक्ट्रिक बसों में ऑटोमैटिक व्हीलचेयर लिफ्ट लगाई गई हैं। इस लिफ्ट की मदद से व्हीलचेयर पर बैठे दिव्यांग यात्री बिना किसी व्यक्ति की सहायता के सीधे बस में पहुंच सकेंगे। बता दें कि अभी तक लो-फ्लोर बसों में भी व्हीलचेयर पर बैठे यात्रियों को चढ़ने-उतरने में दूसरे लोगों का सहारा लेना पड़ता था, लेकिन नई ई-बसों में यह व्यवस्था पूरी तरह बदल जाएगी। बस के बीच वाले गेट के पास लगी ऑटोमैटिक लिफ्ट बटन दबाते ही जमीन तक नीचे आएगी, यात्री को व्हीलचेयर सहित ऊपर उठाएगी और बस के फ्लोर तक पहुंचा देगी। पूरी प्रक्रिया में करीब 45 सेकंड लगेंगे। लिफ्ट 150 से 170 किलोग्राम तक का वजन उठा सकेगी और इसका संचालन ड्राइवर करेगा। 

सिर्फ इलेक्ट्रिक नहीं, स्मार्ट बस

नई बसों को सिर्फ इलेक्ट्रिक नहीं बल्कि स्मार्ट बस के रूप में तैयार किया गया है। यात्री बस में बैठते ही अगले स्टॉप की जानकारी ऑटोमैटिक वॉयस सिस्टम से सुन सकेंगे। साथ ही बस के अंदर और बाहर लगी तीन एलईडी स्क्रीन पर रूट नंबर, गंतव्य और अगला स्टॉप दिखाई देगा। इससे पहली बार सफर करने वाले यात्रियों के साथ दृष्टिबाधित यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी। सुरक्षा के लिए बस में कुल पांच कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें चार कैमरे यात्री केबिन के अंदर और एक कैमरा पीछे होगा, जिससे बस के भीतर की गतिविधियों के साथ रिवर्सिंग पर भी नजर रखी जा सकेगी।

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हर सीट पर चार्जिंग पोर्ट 

किसी भी आपात स्थिति में यात्री हर दो सीटों के बीच लगे पैनिक बटन को दबाकर चालक सहित कंट्रोल रूम को अलर्ट कर सकेंगे। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए हर सीट पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पोर्ट दिए जाएंगे। बसों में वाई-फाई, एर्गोनॉमिक सीटें, चौड़े प्रवेश-निकास द्वार, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, टेलीमैटिक्स और रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग जैसी आधुनिक तकनीक भी रहेगी।

जीरो कार्बन, प्रदूषण कम होगा

बता दें कि 180 किलो वाट क्षमता की बैटरी से लैस ये बसें करीब दो घंटे में चार्ज हो जाएंगी। इनके संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग स्टेशन तैयार है, जबकि कस्तूरबा नगर डिपो में काम अंतिम चरण में है। जीरो एमिशन तकनीक पर आधारित ये बसें शहर में प्रदूषण कम करने के साथ सार्वजनिक परिवहन को भी नई पहचान देंगी।

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दिव्यांगों के लिए क्या बदलेगा

  • ऑटोमैटिक व्हीलचेयर लिफ्ट से सीधे बस में प्रवेश
  • 45 सेकंड में लिफ्ट खुलेगी और बंद होगी
  • 150-170 किलो तक वजन उठाने की क्षमता
  • व्हीलचेयर समेत यात्री सुरक्षित तरीके से बस के फ्लोर तक पहुंचेगा
  • ड्राइवर एक बटन से पूरी प्रक्रिया संचालित करेगा
  • चढ़ने-उतरने के लिए किसी दूसरे व्यक्ति पर निर्भरता नहीं

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नई ई-बसों की 10 बड़ी खूबियां

  • 25-सीटर एयर कंडीशंड इलेक्ट्रिक बस
  • तीन एलईडी पैसेंजर इंफॉर्मेशन डिस्प्ले
  • ऑटोमैटिक स्टॉप एनाउंसमेंट सिस्टम
  • कुल 5 सीसीटीवी कैमरे (4 अंदर, 1 रियर)
  • हर दो सीटों के बीच पैनिक बटन
  • हर सीट पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पोर्ट
  • वाई-फाई हॉटस्पॉट
  • 180 केवीएच बैटरी, दो घंटे में चार्ज
  • इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम
  • रीजेनेरेटिव ब्रेकिंग तकनीक


Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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