MS Dhoni Birthday :45 साल के हुए कैप्टन कूल, सचिन की तस्वीर खरीदने के लिए जिद की, रेलवे में TT बने, जानें 6 दिलचस्प किस्से

स्पोर्ट्स डेस्क। माही मार रहा है...चारों तरफ लोगों में जोश, बॉलर्स के पसीने ऐसे छुटाए कि उसे संभलने का मौका ही नहीं दिया। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और कैप्टन कूल के नाम से दुनियाभर में राज करने वाले महेंद्र सिंह धोनी आज 45 साले के हो गए हैं। धोनी की क्रिकेटिंग जर्नी ने उन्हें न सिर्फ भारत का महान कप्तान बनाया बल्कि वो शख्स भी बनाया जिसने भारत की हार को भी शांत स्वभाव और बिना किसी एटीट्यूड से स्वीकार किया। उनकी कहानी ने एक चीज काफी बेहतर ढंग से साबित की हीरो वो नहीं होता जो ज्यादा बोलता हो बल्कि वह है जो मुश्किल स्थिति में भी चुपचाप जीत छीन लाता है। धोनी ने भारतीय टीम में जगह बनाने से पहले रेलवे में टीटी की नौकरी की और रेलवे के लिए भी कई मैचों में उतरे, साथ ही धोनी कारों के शौकीन है।
तीन ट्रॉफी जिताने वाले भारत के इकलौते कप्तान
धोनी भारत के एकमात्र ऐसे कप्तान है जिन्होंने टीम को तीन अलग- अलग ट्रॉफी जिताई है। उनकी कप्तानी में टीम ने 2007 टी- 20 वर्ल्ड कप, 2011 वन- डे वर्ल्ड कप और 2013 की चैंपियंस ट्रॉफी जीती थी। उनके शानदार कप्तानी के दम पर भारत टेस्ट में भी नंबर-1 टीम बनी, इतना ही नहीं जब धोनी ने संन्यास लिया तो उसके बाद ही WTC यानि कि टेस्ट क्रिकेट चैंपियनशिप की शुरुआत हुई। धोनी ने साल 2014 में टेस्ट से और 2020 वन- डे इंटरनेशनल से संन्यास लिया था। हालांकि धोनी आईपीएल में अभी भी खेल रहे हैं।
पढ़ें महेंद्र सिंह धोनी से जुड़े वो 7 किस्से
1. फुटबॉल पहली पसंद दिल क्रिकेट में लगा
धोनी का बचपन के दिनों में ही फुटबॉल के लिए प्यार रहा, यहीं वजह रही कि उन्होंने लंबी हाइट के कारण गोलकीपिंग भी की, वहीं उनके करियर का टर्निंग पॉइंट जब आया जब स्कूल के एक टीचर ने उन्हें क्रिकेट टीम को गोलकीपर चाहिए, ट्राय करोगे। और फिर इसके बाद क्रिकेट में शुरू हुआ उनके सफर नेरत को 2011 में वर्ल्ड कप में चैंपियन कप्तान बनाया और भारत को दूसरा वर्ल्ड कप जीताया।
2. कौन थे धोनी के पहले गुरु
महेंद्र सिंह धोनी के पहले गुरु उनके बचपन के कोच केशव रंजन बनर्जी रहे, वह रांची के जवाहर विद्या मंदिर JVM श्यामली में उनके स्कूल के स्पोर्ट्स टीचर। जिन्होंने धोनी की प्रतिभा को पहचाना और उन्हें फुटबॉल के गोलकीपर से क्रिकेटर के विकेटकीपर बनने के लिए सलाह दी। इसके अलावा पूर्व क्रिकेटर देवल सहाय को भी धोनी के शुरुआती करियर का खास मेंटर माना जाता है। जिन्होंने धोनी को पहली बार टर्फ क्रिकेट में खेलने की परमिशन दी।
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3. सचिन तेंदुलकर थे पहले क्रिकेट आइडल
धोनी बचपन से ही सचिन तेंदुलकर के बड़े फैन थे। यहीं वजह थी कि एम धोनी द एनटोल्ट स्टोरी में एक सीन में वह मार्केट में अपनी मम्मी- पापा से सचिन की तस्वीर खरीदने की जिद करते हैं और फिर अपने कमरे में सचिन का पोस्टर लगाकर रखते थे। जब सचिन विदेश में मैच खेलते थे तो माही सुबह जल्दी उठकर उनकी बल्लेबाजी देखते थे। अगर सचिन जल्दी आउट हो जाते, तो वह भी टीवी बंद कर सो जाते थे। उनका सपना था कि एक दिन वह भी सचिन की तरह बड़े-बड़े छक्के लगाएं।
4. क्रिकेट से पहले रेलवे में करते थे नौकरी
क्रिकेट में पहचान बनाने से पहले धोनी भारतीय रेलवे में टिकट कलेक्टर (टीटीई) की नौकरी करते थे। हालांकि उनका सपना क्रिकेट में बड़ा नाम कमाने का था। इसी वजह से उन्होंने नौकरी छोड़कर पूरा ध्यान क्रिकेट पर लगाया और बाद में भारत के सबसे सफल कप्तानों में शामिल हुए।
5. लंबे बालों से मिली अलग पहचान
धोनी ने साल 2004 में पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। पहली पारी में वह रन आउट हो गए थे, लेकिन उनके लंबे बाल और आक्रामक बल्लेबाजी ने सभी का ध्यान खींच लिया। पाकिस्तान के तत्कालीन राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने भी उनके लंबे बालों की तारीफ की थी।
6. बाइक के हैं जबरदस्त शौकीन
धोनी को बाइक से खास लगाव है। पहली कमाई से उन्होंने सेकेंड हैंड बाइक खरीदी थी। आज उनके पास 50 से ज्यादा शानदार बाइकों का कलेक्शन है। रांची स्थित उनके घर में बाइक म्यूजियम भी है और खाली समय में वह खुद अपनी बाइकों की सफाई करना पसंद करते हैं।
7. शांत स्वभाव के कारण बने 'कैप्टन कूल'
मैच कितना भी तनावपूर्ण क्यों न हो, धोनी हमेशा शांत नजर आते थे। आखिरी ओवरों में भी उनका धैर्य और सही फैसले लेने की क्षमता टीम इंडिया की सबसे बड़ी ताकत बनी। इसी वजह से उन्हें दुनिया भर में 'कैप्टन कूल' के नाम से जाना जाता है।
8. मां नहीं देखती थीं उनके मैच
धोनी के परिवार के सभी सदस्य उनके मैच देखते थे, लेकिन उनकी मां मैच देखने से बचती थीं। उन्हें डर रहता था कि कहीं उनका बेटा जल्दी आउट न हो जाए। इसलिए वह मैच खत्म होने के बाद ही उसका हाल जानती थी।
1000 करोड़ रुपये से ज्यादा की नेटवर्थ, कई कंपनियों में निवेश
क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी धोनी की कमाई लगातार जारी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक उनकी कुल नेटवर्थ 1000 करोड़ रुपये से ज्यादा है। आईपीएल से वह अब तक करीब 200 करोड़ रुपये कमा चुके हैं और 2025 सीजन के लिए उन्हें 4 करोड़ रुपये में रिटेन किया गया था।
धोनी सिर्फ ब्रांड एंडोर्समेंट से ही नहीं, बल्कि निवेश के जरिए भी अच्छी कमाई करते हैं। उन्होंने खाताबुक, Cars24, शाका हैरी, गरुड़ एयरोस्पेस, ई-मोटरैड और तगड़ा रहो जैसे स्टार्टअप्स में निवेश किया है। इसके अलावा उन्होंने अपना फिटनेस और लाइफस्टाइल ब्रांड 'Seven' भी लॉन्च किया है, जो देशभर में लोकप्रिय है। उनकी यही सोच उन्हें क्रिकेट के साथ-साथ बिजनेस की दुनिया में भी सफल बनाती है।











