बारिश का कहर:नासिक-त्र्यंबकेश्वर में बादल फटने की आशंका! रेड अलर्ट के बीच मंदिर बंद, स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी

महाराष्ट्र। नासिक जिले में लगातार हो रही तेज बारिश के कारण हालात गंभीर बने हुए हैं। त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, डिंडोरी और पेठ जैसे इलाकों में भारी बारिश के चलते प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में 300 मिलीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई है। इसके साथ ही कुछ क्षेत्रों में बादल फटने का भी खतरा बताया गया है। स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं, मंदिरों में दर्शन रोक दिए गए हैं और संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
रेड अलर्ट के बाद बढ़ी चिंता
नासिक और त्र्यंबकेश्वर में लगातार हो रही तेज बारिश ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने Red Alert जारी करते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले घंटों में बारिश और तेज हो सकती है। इसी वजह से जिला प्रशासन पूरी रात हालात पर नजर बनाए हुए है। सभी संबंधित विभागों को अलर्ट रहने और किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटने के निर्देश दिए गए हैं।
बादल फटने की आशंका, रातभर चलता रहा निरीक्षण
आपदा प्रबंधन मंत्री गिरीश महाजन ने रात के समय घोटी, इगतपुरी और त्र्यंबकेश्वर क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने देर रात मेटघर गांव पहुंचकर हालात का जायजा लिया। तेज हवा और लगातार बढ़ती बारिश को देखते हुए उन्होंने गांव के 27 परिवारों के 100 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए। प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की आपदा से पहले लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
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स्कूल-कॉलेज बंद, मंदिरों में दर्शन पर रोक
भारी बारिश और खराब मौसम को देखते हुए नासिक जिले के सभी स्कूल और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। वहीं त्र्यंबकेश्वर मंदिर और सप्तश्रृंगी मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर भी अस्थायी रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि जब तक मौसम सामान्य नहीं हो जाता, तब तक धार्मिक यात्रा और अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।
संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की पूरी तैयारी
त्र्यंबकेश्वर, इगतपुरी, डिंडोरी और पेठ तालुका में पुलिस, एसआरपीएफ और राहत दल लगातार तैनात हैं। नदी किनारे और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। जिन इलाकों में खतरा अधिक है, वहां पहले से ही लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। प्रशासन लगातार मौसम की जानकारी लेकर आगे की रणनीति तैयार कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
CM Devendra Fadnavis ने पूरे मामले पर नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से कहा है कि राहत और बचाव कार्य में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से भी अपील की है कि वे मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी हर सलाह का पालन करें और अफवाहों पर भरोसा न करें।
पालघर और वसई-विरार में भी बारिश का असर
नासिक के अलावा पालघर और वसई-विरार क्षेत्र में भी भारी बारिश दर्ज की गई है। कई जगह 350 से 400 मिलीमीटर तक बारिश रिकॉर्ड हुई है। पालघर में एक बांध की पिचिंग खिसकने के बाद आसपास के करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया। प्रशासन लगातार इन इलाकों की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते लोगों को बचाया जा सके।
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लोगों से सतर्क रहने की अपील
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने बताया कि जिले के कई हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है और हर संवेदनशील क्षेत्र पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहें। साथ ही केवल प्रशासन और मौसम विभाग की आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करें। स्थिति को देखते हुए जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त राहत और बचाव दल भी तैनात किए जाएंगे।











