
ब्रजेंद्र वर्मा, भोपाल। भीषण गर्मी के बीच शहर में गैस सिलेंडर की किल्लत ने हालात बिगाड़ दिए हैं। 41 डिग्री तापमान में लोग घंटों लाइन में खड़े होकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं। पुराने शहर में स्थिति ज्यादा खराब है जहां 5 से 6 घंटे इंतजार के बाद सिलेंडर मिल रहा है और कई लोग बेहोश तक हो रहे हैं।
हमीदिया रोड के पास रेलवे कॉलोनी मैदान में दोपहर के समय लोग खाली सिलेंडर लेकर लाइन में खड़े नजर आए। करीब 70 वर्षीय बुजुर्ग गर्मी सहन नहीं कर सके और बेहोश हो गए।

आसपास मौजूद लोगों ने पानी डालकर उन्हें होश में लाया और छांव में बैठाया। सुबह से लाइन में लगे 50 से ज्यादा लोग सिलेंडर मिलने का इंतजार करते रहे। गर्मी और अव्यवस्था ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी।
लोगों का कहना है कि बुकिंग के बाद भी एक सप्ताह तक सिलेंडर घर नहीं पहुंच रहा। हमीदिया रोड के रहने वाले केडी शर्मा बताते हैं कि सुबह 7 बजे से लाइन में लगे हैं क्योंकि घर पर कोई और नहीं है और डिलीवरी नहीं हुई। नईम खान का कहना है कि 'कोई सुनने वाला नहीं है मजबूरी में धूप में आना पड़ रहा है।'

अल्पना टॉकीज के पीछे नवरत्न गैस एजेंसी के उपभोक्ता सुबह 8 बजे से लाइन में लगे रहे लेकिन दोपहर डेढ़ बजे तक सिलेंडर नहीं मिला। कुछ लोग भूखे पेट खड़े रहे तो कुछ पेड़ों पर चढ़कर ट्रक आने का इंतजार करते नजर आए। जितेंद्र शर्मा का कहना है कि घर में गैस खत्म हो गई है खाना नहीं बन पा रहा लेकिन मजबूरी में गर्मी सहनी पड़ रही है।
रेलवे कॉलोनी के आजाद अली ने बताया कि बाजार में सिलेंडर 2500 रुपए तक में मिलने की बात सुनने में आ रही है जबकि असली कीमत करीब 918 रुपए है। इतने महंगे में खरीदना संभव नहीं है इसलिए लाइन में लगना मजबूरी है।
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पुराने शहर के उलट नए शहर में हालात कुछ बेहतर दिखे। कई गैस एजेंसियों पर नोटिस लगे हैं कि सिलेंडर उपलब्ध नहीं हैं और केवल होम डिलीवरी ही होगी। यहां भी लोग कम दिखे लेकिन सप्लाई की कमी साफ नजर आई।
शहर में सामान्य दिनों में करीब 15 हजार सिलेंडरों की डिलीवरी होती है लेकिन अभी यह घटकर 12 हजार के आसपास रह गई है। कंपनियों से 70-80% स्टॉक मिल रहा है, जबकि 20-30% की कमी के कारण डिलीवरी सिस्टम प्रभावित हो रहा है।
लोगों को बुकिंग के बाद OTP नहीं मिल रहा कई बार बिना डिलीवरी के ही मैसेज आ रहा है कि सिलेंडर पहुंच गया। कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक नहीं लग पाई है और एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सिलेंडर घर तक पहुंच ही नहीं रहा तो उपभोक्ताओं से डिलीवरी चार्ज क्यों लिया जा रहा है। इस मुद्दे पर एजेंसियों की ओर से स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा।
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जिला खाद्य आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन का कहना है कि शिकायत मिलने पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है और गड़बड़ी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ FIR तक दर्ज की जाएगी। वहीं भोपाल गैस डीलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके गुप्ता ने बताया कि 70-80% स्टॉक मिल रहा है लेकिन तकनीकी दिक्कतों जैसे OTP और सर्वर समस्या के कारण होम डिलीवरी प्रभावित हो रही है। उनके मुताबिक पुराने शहर में एजेंसियों की व्यवस्था में कमी भी एक बड़ी वजह है।

भीषण गर्मी, सीमित स्टॉक और डिलीवरी सिस्टम की खामियों ने मिलकर यह स्थिति पैदा की है। अगर जल्द सुधार नहीं हुआ तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है। यह हालात न सिर्फ सप्लाई सिस्टम पर सवाल खड़े करते हैं, बल्कि शहर में जरूरी सेवाओं की उपलब्धता पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।