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WhatsApp Username:यूजरनेम फीचर की जांच करेगी सरकार, साइबर फ्रॉड का बढ़ा खतरा

WhatsApp के नए यूजरनेम फीचर पर भारत सरकार जांच करेगी। पहचान छिपाकर साइबर फ्रॉड की आशंका के चलते इस फीचर के सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।
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यूजरनेम फीचर की जांच करेगी सरकार, साइबर फ्रॉड का बढ़ा खतरा

केंद्र सरकार ने व्हाट्सएप के नए यूजरनेम फीचर को लेकर जांच शुरू करने का निर्णय लिया है। न्यूज एजेंसी PTI की रिपोर्ट के अनुसार इस फीचर से पहचान छिपाकर धोखाधड़ी और साइबर फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। सरकार का मानना है कि इस फीचर के आने से जालसाजों को नए तरीके से लोगों को ठगने का मौका मिल सकता है।

सरकार को साइबर फ्रॉड का खतरा

अधिकारियों के अनुसार सरकार इस फीचर की बारीकी से जांच करेगी क्योंकि इससे फर्जी पहचान बनाना आसान हो सकता है। चिंता यह है कि जब मोबाइल नंबर छिपा रहेगा तो स्कैमर्स किसी भी व्यक्ति के नाम से फर्जी अकाउंट बनाकर लोगों को धोखा दे सकते हैं। भारत में व्हाट्सएप के 50 करोड़ से ज्यादा यूजर्स हैं इसलिए किसी भी नए फीचर का असर बहुत बड़े स्तर पर देखने को मिल सकता है। सरकार इसी वजह से इसके सेफ्टी स्टैंडर्ड्स की समीक्षा करना चाहती है।

3 दिन पहले Meta ने किया लॉन्च

व्हाट्सएप की पेरेंट कंपनी Meta ने अपने इंस्टेंट मैसेजिंग ऐप में यह नया फीचर लॉन्च किया है। इसके तहत यूजर्स अब बिना मोबाइल नंबर शेयर किए केवल यूजरनेम के जरिए किसी भी नए व्यक्ति से चैट कर सकेंगे। यह फीचर धीरे-धीरे दुनियाभर में रोलआउट किया जा रहा है। कंपनी ने 29 जून से यूजरनेम रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी है लेकिन यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले महीनों में इसे चरणबद्ध तरीके से सभी देशों में उपलब्ध कराया जाएगा।

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यूजरनेम फीचर कैसे काम करेगा

व्हाट्सएप के इस नए सिस्टम में हर यूजर को एक यूनिक यूजरनेम बनाना होगा। यह यूजरनेम 3 से 35 कैरेक्टर तक का हो सकता है। इसमें केवल छोटे अंग्रेजी अक्षर, नंबर, डॉट और अंडरस्कोर का इस्तेमाल किया जा सकेगा। यूजरनेम सेट करने के बाद कई मामलों में मोबाइल नंबर दिखाई नहीं देगा। खासकर जब किसी बड़े ग्रुप में नया यूजर जोड़ा जाएगा या जब पहली बार किसी व्यक्ति को मैसेज भेजा जाएगा। हालांकि जिन लोगों के पास पहले से आपका नंबर सेव है वे पहले की तरह आपको पहचान सकेंगे।

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WhatsApp का उद्देश्य और प्राइवेसी फोकस

व्हाट्सएप का कहना है कि इस फीचर का मकसद यूजर्स को ज्यादा प्राइवेसी देना है। कई बार लोग किसी नए व्यक्ति से बातचीत करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर साझा नहीं करना चाहते। यह फीचर नेटवर्किंग इवेंट, नए क्लासमेट, पड़ोसी और स्कूल या स्पोर्ट्स ग्रुप के अन्य पैरेंट्स के बीच बातचीत को आसान बनाएगा। यूजर्स अपनी पहचान सुरक्षित रखते हुए बातचीत कर सकेंगे।

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यूजरनेम को लेकर नियम और सीमाएं

WhatsApp ने यह भी साफ किया है कि हर यूजरनेम पूरी तरह यूनिक होगा और इसे बाद में बदला या हटाया जा सकता है। कंपनी कोई पब्लिक यूजरनेम डायरेक्टरी नहीं बनाएगी जिससे कोई भी व्यक्ति सीधे सर्च करके अकाउंट तक नहीं पहुंच सकेगा। कोई व्यक्ति तभी मैसेज भेज पाएगा जब उसे आपका सही यूजरनेम पता होगा। इससे अनजान और अनचाहे मैसेज पर कुछ हद तक नियंत्रण रहने की उम्मीद है।

Sumit Shrivastava
By Sumit Shrivastava

सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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