मुर्शिदाबाद। देश के अलग-अलग हिस्सों में चुनावी माहौल तेज होते ही राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। इसी बीच दो अलग-अलग राज्यों से कांग्रेस नेताओं से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है।
एक तरफ पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी के चुनाव प्रचार के दौरान झड़प और धक्का-मुक्की की घटना सामने आई, वहीं दूसरी ओर केरल में कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले को रोककर उनके गनमैन और ड्राइवर पर हमला किए जाने की खबर सामने आई है। इन दोनों घटनाओं ने चुनावी माहौल में सुरक्षा और राजनीतिक टकराव को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच जोर-शोर से प्रचार चल रहा है। इसी दौरान मुर्शिदाबाद जिले के बहरामपुर में कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। बताया जा रहा है कि, शनिवार सुबह कांग्रेस नेता और बहरामपुर विधानसभा सीट से उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी अपने समर्थकों के साथ इलाके में जनसंपर्क अभियान चला रहे थे।
इसी दौरान वहां टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता और समर्थक पहुंच गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते-देखते धक्का-मुक्की और हाथापाई में बदल गई। घटना के बाद इलाके में कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया है कि, टीएमसी कार्यकर्ताओं ने उनके चुनाव प्रचार में बाधा डालने की कोशिश की। उनका कहना है कि, भारी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की मौजूदगी के बावजूद कुछ टीएमसी समर्थकों ने उनके काफिले को रोकने की कोशिश की।
उन्होंने कहा कि, इतनी बड़ी संख्या में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद टीएमसी के कुछ कार्यकर्ता हमें रोकने की कोशिश कर रहे थे और हमारे साथ बदसलूकी की।
अधीर रंजन चौधरी ने यह भी कहा कि, यह घटना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए ठीक नहीं है और चुनाव प्रचार के दौरान सभी दलों को शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखना चाहिए।
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जानकारी के मुताबिक, यह घटना बहरामपुर के वार्ड नंबर 19 में हुई। शनिवार सुबह जब अधीर रंजन चौधरी अपने समर्थकों के साथ चुनाव प्रचार कर रहे थे, तभी टीएमसी पार्षद भीष्मदेव कर्माकर कुछ कार्यकर्ताओं के साथ वहां पहुंच गए। कांग्रेस का आरोप है कि, उन्होंने अधीर रंजन चौधरी को प्रचार करने से रोकने की कोशिश की। इसके बाद दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच बहस शुरू हुई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। घटना के दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद थी, लेकिन फिर भी कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें देखा जा सकता है कि गली के एक मोड़ पर टीएमसी कार्यकर्ता मौजूद हैं। जब अधीर रंजन चौधरी अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंचते हैं तो अचानक दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो जाती है। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि इस दौरान अधीर रंजन चौधरी को भी धक्का लगता है और उनके समर्थक उन्हें सुरक्षित निकालने की कोशिश करते हैं।
कांग्रेस पार्टी ने आगामी चुनाव के लिए बहरामपुर विधानसभा सीट से अधीर रंजन चौधरी को उम्मीदवार बनाया है। अधीर रंजन चौधरी लंबे समय से पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय रहे हैं और कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने अपने चुनावी हलफनामे में अपनी संपत्ति का भी ब्योरा दिया है।
हलफनामे के अनुसार अधीर रंजन चौधरी के पास 48.40 लाख रुपए की चल संपत्ति है। यह आंकड़ा 2024 में घोषित संपत्ति की तुलना में करीब 9.05 लाख रुपए ज्यादा है। इसके अलावा उनके पास 94,500 रुपए नकद, उनकी पत्नी अतासी के पास 7.25 लाख रुपए नकद हैं। बताया गया है कि, उनकी पत्नी के पास करीब 1.27 करोड़ रुपये की चल संपत्ति भी है।
चुनावी हलफनामे के अनुसार, अधीर रंजन चौधरी पर तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें से दो मामले मुर्शिदाबाद में और एक मामला मालदा जिले में दर्ज बताया गया है। हालांकि, इन मामलों का अंतिम फैसला अभी अदालत में होना बाकी है।
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अधीर रंजन चौधरी का राजनीतिक करियर भी काफी लंबा रहा है। उन्होंने पहली बार 1991 में मुर्शिदाबाद के नबग्राम विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें उस चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद 1996 में उन्होंने यह सीट जीत ली और धीरे-धीरे कांग्रेस के प्रमुख नेताओं में शामिल हो गए। उन्होंने बहरामपुर लोकसभा सीट से लगातार पांच बार जीत हासिल की और लंबे समय तक संसद में इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्हें टीएमसी उम्मीदवार यूसुफ पठान से हार का सामना करना पड़ा था।
इसी बीच एक और घटना केरल के मल्लपुरम जिले के वांडुर इलाके से सामने आई है। यहां कांग्रेस सांसद शशि थरूर के काफिले को रोककर उनके गनमैन और ड्राइवर पर हमला कर दिया गया। पुलिस के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे हुई।
जानकारी के अनुसार, शशि थरूर उस समय तिरुवल्ली में आयोजित एक चुनावी सभा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके काफिले को रोक लिया और कथित तौर पर उनके सुरक्षा कर्मियों और ड्राइवर के साथ मारपीट की। हालांकि, राहत की बात यह रही कि शशि थरूर इस घटना में पूरी तरह सुरक्षित हैं।
पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को आरोपी बताया है, जिनमें से एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया गया है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हमले के पीछे असली कारण क्या था।
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इन दोनों घटनाओं ने चुनावी माहौल में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है। एक तरफ पश्चिम बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच पहले से ही कड़ी राजनीतिक टक्कर चल रही है, वहीं दूसरी ओर केरल में भी चुनावी गतिविधियां तेज हो गई हैं।
इन घटनाओं के बाद नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। बंगाल में केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती के बावजूद झड़प की घटना सामने आई, जबकि केरल में भी चुनावी कार्यक्रम के दौरान काफिले पर हमला होने की खबर सामने आई।