Kerlam Cabinet :केरलम में बढ़ी सीएम सतीशन की टेंशन, अब विभागों के बंटवारे को लेकर बवाल

नेशनल डेस्क। केरल में एक दशक बाद सत्ता में वापसी करने वाली कांग्रेस नीत यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) सरकार गठन के तुरंत बाद ही अंदरूनी मतभेदों से घिरती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री के तौर पर वीडी सतीशन ने सोमवार सुबह शपथ तो ले ली, लेकिन सरकार बनने के 30 घंटे बाद भी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं हो पाया है। सहयोगी दलों के बीच विभागों को लेकर जारी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है।
अहम मंत्रालयों को लेकर खींचतान
नई सरकार के गठन के बाद सबसे बड़ा विवाद अहम मंत्रालयों के बंटवारे को लेकर खड़ा हो गया है। कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों के बीच कई विभागों पर सहमति नहीं बन पा रही है। यही वजह है कि मुख्यमंत्री वीडी सतीशन अब तक मंत्रियों के विभागों की आधिकारिक घोषणा नहीं कर पाए हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे नई सरकार के लिए शुरुआती चुनौती माना जा रहा है।
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मत्स्य पालन और उच्च शिक्षा विभाग पर विवाद
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. मुरलीधरन ने स्वीकार किया कि मत्स्य पालन और उच्च शिक्षा विभाग को लेकर सहयोगी दलों में मतभेद बना हुआ है। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव की संभावना के चलते घोषणा में देरी हो रही है। मुरलीधरन ने भरोसा जताया कि सभी मुद्दों का जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा और विभागों की अधिसूचना शीघ्र जारी कर दी जाएगी।
मुख्यमंत्री चयन में भी लगा था लंबा समय
इससे पहले मुख्यमंत्री के नाम को लेकर भी यूडीएफ के भीतर कई दिनों तक असमंजस की स्थिति बनी रही थी। चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस नेतृत्व को मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला लेने में 10 दिनों से ज्यादा का समय लगा। आखिरकार वीडी सतीशन के नाम पर सहमति बनी और उन्हें मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी सौंपी गई। हालांकि सरकार बनते ही सामने आए विवादों ने विपक्ष को सरकार पर निशाना साधने का मौका दे दिया है।
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चुनाव में UDF को मिला था स्पष्ट बहुमत
हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 99 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें कांग्रेस को 63 सीटें मिलीं, जबकि इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को 22 और केरल कांग्रेस को 7 सीटें हासिल हुई थीं। इसके अलावा रिवोल्यूशनरी सोशलिस्ट पार्टी को 3 सीटें मिली थीं। स्पष्ट बहुमत मिलने के बावजूद सरकार के भीतर शुरुआती मतभेद अब राजनीतिक चर्चा का बड़ा विषय बन गए हैं।












