गर्मी की शुरुआत के साथ जहां लोगों को तेज धूप और बढ़ते तापमान की उम्मीद थी, वहीं मौसम ने अचानक करवट लेकर सभी को चौंका दिया है। देश के कई हिस्सों में आसमान में बादल छा गए हैं, तेज हवाएं चल रही हैं और कई जगहों पर बारिश के साथ ओले गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम का यह बदला हुआ मिजाज न सिर्फ आम लोगों के लिए राहत और परेशानी दोनों लेकर आया है, बल्कि किसानों के लिए भी चिंता का कारण बन गया है। मौसम विभाग ने ताजा पूर्वानुमान जारी करते हुए साफ कहा है कि उत्तर भारत से लेकर मध्य और पूर्वी भारत तक कई राज्यों में अगले कुछ दिनों तक मौसम अस्थिर बना रहेगा। राजधानी दिल्ली सहित करीब 10 राज्यों में बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि के आसार हैं। खासकर उत्तर प्रद्रेश और मध्य भारत के हिस्सों में ओले गिरने की संभावना ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमी सिस्टम के कारण हो रहा है, जो उत्तर-पश्चिम भारत से लेकर मध्य भारत तक असर डाल रहा है। ऐसे में आने वाले दिन मौसम के लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं।
उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम ने पूरी तरह करवट ले ली है। उत्तराखंड और हिमाचाल प्रदेश में लगातार बादल छाए रहने के साथ बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। यहां 3 से 8 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, हरियाणा, और चंडीगढ़ में भी मौसम अचानक बदल सकता है। यहां रुक-रुक कर बारिश होने और कहीं-कहीं ओले गिरने की संभावना जताई गई है। राजधानी दिल्ली में भी मौसम का यही हाल रहने वाला है। यहां बादल छाए रहने, हल्की बारिश और तेज हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत मिलेगी।
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उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज सबसे ज्यादा बदलता नजर आ रहा है। पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में अलग-अलग तारीखों पर ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। खासकर 4 और 5 अप्रैल को कई जिलों में ओले गिर सकते हैं, जो फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकते हैं। इसी तरह राजस्थान में भी 3 और 4 अप्रैल को बारिश के साथ ओलावृष्टि की आशंका है। यह स्थिति किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकती है, क्योंकि इस समय कई फसलें कटाई के लिए तैयार होती हैं। जम्मू-कश्मीर क्षेत्र में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। जम्मू-कश्मीर में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी के आसार हैं, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है।
मध्य भारत के राज्यों में भी मौसम का असर साफ दिखाई देगा। मध्य प्रदेश में 3 और 4 अप्रैल को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश के साथ ओले गिर सकते हैं। यह बदलाव अचानक तापमान में गिरावट ला सकता है, जिससे गर्मी का असर कुछ समय के लिए कम हो जाएगा। हालांकि मौसम का यह उतार-चढ़ाव स्वास्थ्य के लिहाज से भी चुनौती बन सकता है। छत्तीसगढ़ में भी 4 अप्रैल को ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। यहां के कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने के आसार हैं।
पूर्वी भारत के राज्यों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 5 से 7 अप्रैल के बीच हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। झारखंड और ओडिशा में भी अगले कुछ दिनों तक बादल छाए रहने और बारिश होने के संकेत हैं। इस क्षेत्र में बारिश से तापमान में गिरावट तो आएगी, लेकिन लगातार बदलता मौसम लोगों के लिए असहज स्थिति भी पैदा कर सकता है।
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पश्चिम भारत के राज्यों में भी मौसम का असर देखने को मिलेगा। गुजरात में 3 अप्रैल को बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि महाराष्ट्र के मध्य और मराठवाड़ा क्षेत्रों में 4 और 5 अप्रैल को बारिश हो सकती है। यह बदलाव गर्मी के बीच एक राहत लेकर आ सकता है, लेकिन अचानक होने वाली बारिश से जनजीवन प्रभावित भी हो सकता है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम का असर और ज्यादा गहरा हो सकता है। असम और मेघालय में 3 से 6 अप्रैल के बीच भारी बारिश के आसार हैं। अरुणाचल प्रदेश में भी 4 और 5 अप्रैल को बारिश होगी, जबकि कुछ इलाकों में 6 से 8 अप्रैल के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इस क्षेत्र में लगातार बारिश से बाढ़ और भूस्खलन जैसी समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं।
मौसम में यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और अन्य स्थानीय मौसमी प्रणालियों के कारण हो रहा है। ये सिस्टम उत्तर-पश्चिम भारत में प्रवेश कर चुके हैं और धीरे-धीरे देश के अन्य हिस्सों को प्रभावित कर रहे हैं। इसके चलते वातावरण में नमी बढ़ रही है और तापमान में उतार-चढ़ाव हो रहा है, जिससे बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि जैसी स्थितियां बन रही हैं।