इंदौर। शहर के पाटनीपुरा मेन रोड स्थित एक कथित क्लिनिक पर आखिरकार प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए ताला जड़ दिया। लंबे समय से बिना मेडिकल डिग्री मरीजों का इलाज करने और खासकर बवासीर के नाम पर मोटी रकम वसूलने का मामला सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई।
पहली शिकायत वर्ष 2023 में
जानकारी के अनुसार पाटनीपुरा स्थित “राव दवाखाना” के खिलाफ पहली शिकायत वर्ष 2023 में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के पास दर्ज कराई गई थी। इसके बाद सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई में भी लगातार शिकायतें होती रहीं, लेकिन करीब तीन साल तक जिम्मेदार विभाग कार्रवाई से बचता रहा।
करणी सेना के पदाधिकारी ने की शिकायत
मामला तब गरमाया जब करणी सेना के पदाधिकारी शिकायतकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंचे और प्रशासन पर दबाव बनाया। संगठन से जुड़े मानसिंह राजावत ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष सहेंद्र सिंह दीक्षित और महासचिव मनीष सिंह सिसौदिया सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मौके से ही कलेक्टर शिवम वर्मा को सूचना दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
क्लिनिक को किया गया सील
गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्लिनिक को सील कर दिया। आरोप है कि संचालक खुद को “डॉक्टर राव” बताकर मरीजों का इलाज कर रहा था, जबकि उसके पास कोई वैध मेडिकल डिग्री नहीं थी। इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। करणी सेना ने मांग की है कि ऐसे फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि मरीजों की जिंदगी के साथ हो रहे खिलवाड़ पर रोक लग सके।