Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

रूस के उप प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने पीएम मोदी से की मुलाकात,भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा

रूस के उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी, व्यापार, ऊर्जा और रक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की।
भारत-रूस रणनीतिक साझेदारी पर चर्चा
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भारत और रूस के बीच लंबे समय से चली आ रही रणनीतिक साझेदारी एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिस्थितियों के बीच दोनों देशों ने अपने रिश्तों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बढ़ाए हैं। इसी कड़ी में रूस के पहले उप-प्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। यह मुलाकात सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं थी, बल्कि इसमें दोनों देशों के बीच बहुआयामी सहयोग को नई दिशा देने पर गहन चर्चा हुई। बातचीत के दौरान व्यापार, ऊर्जा, निवेश, रक्षा और कनेक्टिविटी जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर फोकस किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक और रणनीतिक संतुलन तेजी से बदल रहा है और भारत-रूस संबंधों की भूमिका पहले से कहीं ज्यादा अहम हो गई है।

    इस मुलाकात ने यह साफ कर दिया कि दोनों देश अपनी विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। साथ ही यह भी संकेत मिला कि आने वाले समय में भारत और रूस के बीच सहयोग का दायरा और बढ़ सकता है।

    रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती

    नई दिल्ली में हुई इस उच्चस्तरीय मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति की समीक्षा की। डेनिस मंटुरोव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बताया कि पिछले कुछ वर्षों में व्यापार और आर्थिक सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि भारत और रूस के बीच संबंध केवल सरकारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि लोगों के बीच भी मजबूत जुड़ाव है। यही कारण है कि इन संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    व्यापार और आर्थिक सहयोग पर खास फोकस

    बैठक के दौरान व्यापार और निवेश को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि द्विपक्षीय व्यापार को और बढ़ाने के लिए नई संभावनाओं की तलाश जरूरी है। ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को भी प्राथमिकता दी गई। हाल के समय में रूस भारत के लिए कच्चे तेल का प्रमुख आपूर्तिकर्ता बनकर उभरा है, जिसने दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई दी है। इसके अलावा उर्वरक आपूर्ति, औद्योगिक सहयोग और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

    ये भी पढ़ें: आज का मौसम : दिल्ली समेत 10 राज्यों में बारिश का अलर्ट, UP में गिरेंगे ओले

    ऊर्जा और रक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग

    भारत और रूस के बीच ऊर्जा सहयोग हमेशा से मजबूत रहा है और इस बैठक में इसे और आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई। रक्षा क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच लंबे समय से सहयोग चलता आ रहा है। आधुनिक तकनीक, संयुक्त उत्पादन और रक्षा उपकरणों की आपूर्ति जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई। यह सहयोग न केवल दोनों देशों की सुरक्षा को मजबूत करता है, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता में भी अहम भूमिका निभाता है।

    अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बीच अहम बैठक

    यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई तरह की चुनौतियां सामने हैं। दुनिया की बदलती राजनीतिक स्थिति के बीच भारत और रूस दोनों ही अपने-अपने हितों को सुरक्षित रखते हुए सहयोग बढ़ाने की दिशा में काम कर रहे हैं। इस बैठक ने यह संकेत दिया कि दोनों देश अंतरराष्ट्रीय दबावों के बावजूद अपने रिश्तों को मजबूत बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

    शिखर सम्मेलन के फैसलों पर आगे बढ़ने की रणनीति

    बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के दौरान लिए गए फैसलों पर भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बात पर संतोष जताया कि दोनों पक्ष उन समझौतों को लागू करने की दिशा में लगातार प्रयास कर रहे हैं। यह भी तय किया गया कि भविष्य में इन समझौतों को और तेजी से लागू करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे ताकि दोनों देशों को इसका पूरा लाभ मिल सके।

    उच्चस्तरीय दौरे का महत्व

    डेनिस मंटुरोव का यह दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई दिल्ली पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया, जो भारत और रूस के बीच गहरे संबंधों को दर्शाता है। इस दौरे के दौरान उन्होंने भारत के कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की योजना बनाई है, जिसमें विदेश मंत्री डॉ. सुब्रह्मण्यम जयशंकर , राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण शामिल हैं। इन बैठकों में विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को और मजबूत करने पर चर्चा की जाएगी।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...

    Latest Posts