पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा पहली बार खुलकर सामने आए हैं, जब आम आदमी पार्टी ने उन्हें राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया और पार्टी कोटे से बोलने का समय भी रोक दिया। शुक्रवार को जारी एक वीडियो में राघव चड्ढा ने अपनी चुप्पी तोड़ी और कहा कि उन्हें जानबूझकर खामोश किया गया है, लेकिन वह पीछे हटने वाले नहीं हैं। उन्होंने साफ कहा कि उनकी आवाज दबाई जा सकती है, लेकिन उनके इरादों को नहीं।
राघव चड्ढा ने अपने वीडियो में संसद परिसर से सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा आम लोगों के मुद्दों को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि वह ऐसे विषय उठाते रहे, जिन पर आमतौर पर संसद में चर्चा नहीं होती।उनके मुताबिक, अगर मैं जनता की बात करता हूं, तो इसमें गलत क्या है, क्या पब्लिक इश्यू उठाना कोई अपराध है, उन्होंने यह भी इशारा किया कि शायद यही वजह है कि उनके बोलने पर रोक लगाने की कोशिश की गई।
राघव चड्ढा ने खुलासा किया कि पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर उनके बोलने पर रोक लगाने की मांग की।
उन्होंने सवाल किया कि आखिर उनकी आवाज को दबाने की जरूरत क्यों पड़ी। राघव के अनुसार, वह हमेशा देश के आम आदमी की समस्याओं को सामने रखते हैं, ऐसे में उन्हें चुप कराने का फैसला कई सवाल खड़े करता है।
यह भी पढ़ें: राघव चड्ढा से छीना राज्यसभा में उपनेता पद : संसद में बोलने पर भी लगी रोक, AAP ने लिया बड़ा फैसला
वीडियो में राघव चड्ढा ने विस्तार से बताया कि उन्होंने किन-किन मुद्दों को संसद में उठाया। इनमें एयरपोर्ट पर महंगे खाने जोमेटो और ब्लिकिंट के डिलीवरी राइडर्स की समस्याएं, खाने में मिलावट, टोल प्लाजा पर वसूली, बैंक चार्जेस, और मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ शामिल हैं।
उन्होंने टेलीकॉम कंपनियों के रिचार्ज सिस्टम, डेटा रोलओवर की कमी और इनकमिंग कॉल बंद करने जैसे मुद्दों को भी उठाया।
यह भी पढ़ें: Raghav Chadha : उपनेता पद से हटने के बाद राघव चड्ढा का पहला पोस्ट, ‘इविल आई’ इमोजी के साथ शेयर किया वीडियो
राघव चड्ढा ने कहा कि इन सभी मुद्दों को उठाने से आम जनता को फायदा हुआ, लेकिन सवाल यह है कि इससे पार्टी को क्या नुकसान हुआ।
उन्होंने तंज भरे अंदाज में पूछा कि अगर जनता की आवाज उठाना गलत है, तो फिर सही क्या है।
[breaking type="Breaking"]
गौरतलब है कि AAP ने गुरुवार को राघव चड्ढा को राज्यसभा के उपनेता पद से हटा दिया था। उनकी जगह पंजाब से ही सांसद अशोक मित्तल को जिम्मेदारी दी गई है। पार्टी ने इस फैसले के पीछे की वजह सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन यह जरूर कहा कि राघव को पार्टी की ओर से बोलने का समय नहीं दिया जाए।
वीडियो के अंत में राघव चड्ढा ने कड़ा संदेश देते हुए कहा कि उनकी खामोशी को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने कहा, मैं वो दरिया हूं, जो वक्त आने पर सैलाब बनता है। हालांकि, उन्होंने किसी नेता का नाम नहीं लिया और न ही पार्टी छोड़ने को लेकर कोई संकेत दिया, लेकिन उनके बयान ने सियासी हलकों में नई चर्चा जरूर छेड़ दी है।