Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

ईरान जंग के बीच भारत का ‘सी पावर शो’:INS तारागिरी बना समंदर का नया सिकंदर, दुश्मनों में खौफ!

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच भारत ने अपनी समुद्री ताकत बढ़ाते हुए INS तारागिरी को नौसेना में शामिल किया। ब्रह्मोस और आधुनिक हथियारों से लैस यह स्टील्थ फ्रिगेट भारत की रक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देगा।
INS तारागिरी बना समंदर का नया सिकंदर, दुश्मनों में खौफ!
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दुनिया की नजरें जहां पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और ईरान से जुड़े घटनाक्रमों पर टिकी हुई हैं। वहीं भारत ने चुपचाप अपनी समुद्री ताकत में एक बड़ा इजाफा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय उथल-पुथल के इस दौर में भारत ने यह साफ संकेत दे दिया है कि वह सिर्फ हालात पर नजर नहीं रख रहा बल्कि अपनी सुरक्षा और सामरिक क्षमता को लगातार मजबूत भी कर रहा है। इसी कड़ी में भारतीय नौसेना को एक और आधुनिक और घातक युद्धपोत मिलने जा रहा है, जिसका नाम है INS तारागिरी। यह स्टील्थ गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट केवल एक जहाज नहीं बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता, आत्मनिर्भरता और रणनीतिक सोच का प्रतीक है। इसकी तैनाती ऐसे समय में हो रही है जब समुद्री सुरक्षा और शक्ति संतुलन अंतरराष्टीय राजनीति का अहम हिस्सा बन चुके हैं। खास बात यह है कि इस युद्धपोत को देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद नौसेना में शामिल करेंगे, जो इस कार्यक्रम की अहमियत को और बढ़ा देता है।

    तारागिरी के आने से भारतीय नौसेना की ताकत में न सिर्फ इजाफा होगा बल्कि हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक स्थिति भी पहले से कहीं ज्यादा मजबूत हो जाएगी। यह युद्धपोत आधुनिक तकनीकों, सुपरसोनिक मिसाइलों और उन्नत रडार सिस्टम से लैस है, जो इसे दुश्मनों के लिए एक खतरनाक चुनौती बनाता है।

    समंदर में भारत का नया ‘सिकंदर’

    भारत की समुद्री शक्ति को नई पहचान देने वाला यह युद्धपोत एक अत्याधुनिक स्टील्थ फ्रिगेट है, जिसे दुश्मनों की नजर से बचते हुए हमला करने के लिए डिजाइन किया गया है। INS तारागिरी की खासियत इसकी कम रडार सिग्नेचर और तेज प्रतिक्रिया क्षमता है, जो इसे युद्ध के दौरान बेहद प्रभावी बनाती है। इसका कमीशनिंग कार्यक्रम विशाखापत्तनम में आयोजित किया जा रहा है। जहां इसे औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना का हिस्सा बनाया जाएगा। इस मौके पर रक्षा मंत्री की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि यह सिर्फ एक सैन्य कार्यक्रम नहीं बल्कि भारत की रक्षा नीति का अहम संदेश भी है।

    ब्रह्मोस की ताकत से लैस घातक वार

    इस युद्धपोत की सबसे बड़ी ताकत इसकी मिसाइल प्रणाली है। ब्रह्मोस मिसाइल से लैस यह फ्रिगेट दुश्मनों के जहाजों और ठिकानों को पलक झपकते ही निशाना बना सकता है। ब्रह्मोस मिसाइल की सुपरसोनिक गति इसे दुनिया की सबसे खतरनाक क्रूज मिसाइलों में शामिल करती है। इसकी मारक क्षमता और सटीकता इसे किसी भी युद्ध में गेमचेंजर बना सकती है। तारागिरी में लगी यह मिसाइल प्रणाली इसे एंटी-शिप और एंटी-सर्फेस ऑपरेशन में बेहद सक्षम बनाती है।

    ये भी पढ़ें: लौट कर ट्रंप टैरिफ पर आए : दवाओं पर सख्ती, मेटल को छूट- डोनाल्ड ट्रंप का नया ट्रेड गेम

    हर तरह के खतरे से निपटने में सक्षम

    INS तारागिरी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यह हवा, पानी और पानी के नीचे-तीनों मोर्चों पर एक साथ लड़ाई लड़ सकता है। इसमें मध्यम और लंबी दूरी की एयर डिफेंस मिसाइलें लगी हैं, जो दुश्मन के हवाई हमलों को नाकाम कर सकती हैं। इसके अलावा इसमें एंटी-सबमरीन वॉरफेयर सिस्टम भी मौजूद है। जिसमें आधुनिक टॉरपीडो और रॉकेट लॉन्चर शामिल हैं। यह इसे पनडुब्बियों के खिलाफ भी बेहद प्रभावी बनाता है। तारागिरी की सबसे बड़ी ताकत इसका कॉम्बैट मैनेजमेंट सिस्टम है, जो हर खतरे का तेजी से विश्लेषण कर तुरंत जवाब देने में सक्षम है।

    स्वदेशी तकनीक का शानदार उदाहरण

    यह युद्धपोत भारत की ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का एक मजबूत उदाहरण है। मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड द्वारा बनाए गए इस फ्रिगेट में 75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है। इसका डिजाइन भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो ने तैयार किया है, जो देश की इंजीनियरिंग क्षमता को दर्शाता है। यह न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है बल्कि निर्माण के स्तर पर भी पूरी तरह आधुनिक मानकों पर खरा उतरता है।

    ताकत और रफ्तार का जबरदस्त मेल

    लगभग 6,670 टन वजनी यह युद्धपोत आकार और क्षमता दोनों में प्रभावशाली है। इसकी गति करीब 30 नॉटिकल मील प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो इसे तेजी से ऑपरेशन करने में सक्षम बनाती है। इसमें हेलिकॉप्टर हैंगर भी मौजूद है, जहां एक साथ दो हेलिकॉप्टर तैनात किए जा सकते हैं। इससे इसकी निगरानी और हमला करने की क्षमता और बढ़ जाती है।

    अत्याधुनिक तकनीक से लैस

    INS तारागिरी में मल्टी-फंक्शन रडार, उन्नत सोनार सिस्टम और डिजिटल युद्ध प्रबंधन प्रणाली शामिल है। यह सिस्टम दुश्मन की हर गतिविधि पर नजर रखने और समय रहते कार्रवाई करने में मदद करता है। यह युद्धपोत लंबी दूरी से आने वाले खतरों को पहचानने, ट्रैक करने और उन्हें खत्म करने में सक्षम है, जिससे यह आधुनिक नौसैनिक युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार है।

    Sona Rajput
    By Sona Rajput

    माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

    Latest Posts