सोशल मीडिया पर चर्चा में आई ‘वायरल गर्ल’ मोनालिसा और फरमान के विवाह से जुड़ा विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर पहुंच गया है। इस मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने गंभीरता दिखाते हुए संज्ञान लिया है और पुलिस प्रशासन को जांच के निर्देश दिए हैं। वहीं, पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले की जांच कर रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।
आयोग के मुताबिक 27 मार्च 2026 को इस मामले में एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में बताया गया कि महेश्वर की एक किशोरी, जो महाकुंभ मेले के दौरान रुद्राक्ष बेचते हुए वायरल हुए वीडियो से चर्चा में आई थी, उसने अपनी उम्र करीब 16 साल बताई थी। इसके बावजूद उसका विवाह केरल में करा दिया गया, जो कि कानून के तहत गंभीर मामला हो सकता है।
शिकायत में यह भी आशंका जताई गई है कि लड़की की उम्र से जुड़े दस्तावेजों में हेरफेर या गलत जानकारी दी गई हो सकती है। साथ ही विवाह के दौरान दबाव, धोखाधड़ी या पहचान छिपाने जैसे पहलुओं की भी जांच करने की मांग की गई है।
शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, दस्तावेजों की जांच और विवाह में सहमति की स्थिति स्पष्ट करने की अपील की है।
आयोग ने इस मामले को प्रथम दृष्टया मानवाधिकारों के संभावित उल्लंघन से जुड़ा माना है। NHRC की बेंच ने खरगोन के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिए हैं कि मामले की विस्तृत जांच कर 7 दिनों के भीतर एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश करें।
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आयोग ने मध्यप्रदेश और केरल के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को भी निर्देश दिए हैं कि वे आपसी समन्वय से मामले की जांच करें, ताकि सभी पहलुओं की सही और निष्पक्ष जांच हो सके।
नोटिस में कहा गया है कि अगर जांच में लड़की के नाबालिग होने की पुष्टि होती है, तो पोक्सो एक्ट और बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही पीड़िता की सुरक्षा, काउंसलिंग और पुनर्वास के लिए भी जरूरी कदम उठाने को कहा गया है।
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इस मामले में खरगोन के एसपी रवींद्र वर्मा ने कहा कि आयोग का नोटिस प्राप्त हो गया है। जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई कर रिपोर्ट आयोग को भेजी जाएगी।