छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में वेदांता के प्लांट में हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। इस दुर्घटना में अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 36 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। मृतकों में 4 छत्तीसगढ़ के हैं, जबकि बाकी मजदूर उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल से थे। बता दें कि यह हादसा 14 अप्रैल को दोपहर करीब ढाई बजे हुआ।
जानकारी के अनुसार, प्लांट के बड़े वॉटर ट्यूब बॉयलर में अचानक फर्नेस प्रेशर बहुत तेजी से बढ़ गया। कुछ ही सेकंड में दबाव इतना बढ़ गया कि बॉयलर में जोरदार विस्फोट हो गया। जांच में सामने आया है कि उत्पादन बढ़ाने के लिए बॉयलर पर अचानक भारी लोड डाला गया था। एक घंटे में उत्पादन लगभग दोगुना कर दिया गया, जिससे सिस्टम पर ज्यादा दबाव बन गया।
औद्योगिक सुरक्षा विभाग की शुरुआती जांच में बड़ी लापरवाही सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, बॉयलर में जरूरत से ज्यादा फ्यूल जमा हो गया था। फर्नेस में दबाव अचानक 1-2 सेकंड में बहुत बढ़ गया। मशीनों का रखरखाव ठीक से नहीं किया गया था। पीए फैन और अन्य उपकरण बार-बार खराब हो रहे थे। सुरक्षा चेतावनियों के बावजूद काम नहीं रोका गया। इसी वजह से बॉयलर फट गया और बड़ा हादसा हो गया।
पुलिस ने इस मामले में कंपनी प्रबंधन समेत 8 से 10 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें कंपनी के चेयरमैन और प्लांट हेड के नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं। एसपी के निर्देश पर एएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम बनाई गई है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है।
कलेक्टर ने इस घटना की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। 30 दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी गई है। जांच में यह भी देखा जाएगा कि हादसा कैसे हुआ? किसकी जिम्मेदारी थी? पहले निरीक्षण में क्या खामियां मिली थीं? भविष्य में ऐसे हादसे कैसे रोके जा सकते हैं?
कंपनी और सरकार दोनों की तरफ से मुआवजे की घोषणा की गई है। वेदांता प्रबंधन द्वारा मृतकों के परिवार को 35-35 लाख रुपये और नौकरी, साथ ही घायलों को 15-15 लाख रुपये सहायता दी जाएगी।
PMNRF से मृतकों के परिवार को 2 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। वहीं, छत्तीसगढ़ सरकार से मृतकों को 5 लाख और घायलों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे।