विकसित भारत-जी राम जी :केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह ने राज्यों को जारी की 25,863 करोड़ रुपए की पहली किस्त

नई दिल्ली। केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने रविवार को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के ग्रामीण विकास मंत्रियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी वीबी-जी राम जी योजना की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने योजना के प्रभावी संचालन के लिए राज्यों को 25,863 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य था कि एक जुलाई से यह योजना पूरे देश में बिना किसी बाधा के लागू हो और यह लक्ष्य सफलतापूर्वक हासिल कर लिया गया है। उन्होंने बताया कि मनरेगा से नई व्यवस्था में बदलाव पूरी तरह सहज और व्यवस्थित रहा तथा अब तक किसी भी प्रकार की तकनीकी या संचालन संबंधी शिकायत सामने नहीं आई है।
15 दिन में मजदूरी भुगतान सुनिश्चित करने पर जोर
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि पहली किस्त जारी करने का उद्देश्य राज्यों को समय पर पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध कराना है, ताकि मजदूरों को 15 दिनों के भीतर मजदूरी का भुगतान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से आग्रह किया कि वे भी अपनी हिस्सेदारी की राशि समय पर जारी करें, जिससे भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्रामीण श्रमिकों को समय पर मजदूरी मिलना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इस दिशा में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
एक दिन में पूरे देश में लागू हुई योजना
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मनरेगा को पूरे देश में लागू होने में लगभग तीन वर्ष का समय लगा था, जबकि वीबी-जी राम जी योजना केवल एक दिन में पूरे देश में लागू हो गई। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, राज्यों के सहयोग और देश की प्रशासनिक क्षमता की बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार यह उपलब्धि केंद्र और राज्यों के बेहतर समन्वय तथा सुशासन का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि पहले सप्ताह में ही बड़ी संख्या में ग्राम पंचायतों में विकास कार्य शुरू हो चुके हैं और लाखों ग्रामीण श्रमिकों को रोजगार मिलना शुरू हो गया है।
कुछ राज्यों की सराहना, कुछ को दिए जरूरी निर्देश
बैठक के दौरान चौहान ने आंध्र प्रदेश, केरल और राजस्थान की विशेष सराहना करते हुए कहा कि इन राज्यों ने पहले ही दिन बड़ी संख्या में रोजगार उपलब्ध कराया। वहीं उन्होंने ओडिशा और पश्चिम बंगाल से शेष ग्राम पंचायतों में जल्द कार्य शुरू करने का आग्रह किया। झारखंड से योजना को अधिसूचित कर आवश्यक बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने को कहा गया। जिन राज्यों में आरबीआई खाते खोलने या अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं लंबित हैं, उन्हें भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।
300 रुपए से कम नहीं होगी दैनिक मजदूरी
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत मजदूरी दरों में औसतन लगभग 10 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। अब देश के किसी भी राज्य में श्रमिकों को प्रतिदिन 300 रुपए से कम मजदूरी नहीं मिलेगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि योजना के प्रभावी संचालन के लिए धन की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पहली किस्त राज्यों की मांग के अनुसार जारी की गई है और आगे भी आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त राशि उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि विकास कार्यों की गति बनी रहे।
पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण विकास पर फोकस
चौहान ने कहा कि ग्राम सभाएं और ग्राम पंचायतें स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों का चयन करें, ताकि गांवों का समग्र और सहभागी विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजना में किसी भी प्रकार की अनियमितता, भ्रष्टाचार या फर्जीवाड़े के लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार का उद्देश्य पारदर्शी व्यवस्था के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण परिसंपत्तियों का निर्माण करना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास को बढ़ावा देना है।
वरिष्ठ अधिकारी रहे बैठक में शामिल
ये भी पढ़ें: शिवपुरी में डिफेंस निवेश की बड़ी शुरुआत : 2500 करोड़ के अदाणी प्लांट में बनेंगी मिसाइलें, 5 हजार रोजगार का दावा












