भोपाल के एक उपभोक्ता को वेकेशन मेंबरशिप के नाम पर ठगा जाना ट्रैवल कंपनी को महंगा पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग ने मामले में कंपनी को दोषी मानते हुए उपभोक्ता को ब्याज और हर्जाने सहित कुल 3 लाख 10 हजार रुपये चुकाने के आदेश दिए हैं। उपभोक्ता का कहना था कि कंपनी ने बड़े-बड़े वादे करके मेंबरशिप तो बेच दी, लेकिन पहला ही ट्रैवल अनुभव बेहद खराब रहा।
भोपाल के अवधपुरी निवासी पृथ्वी सिंह ने साल 2021 में जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि साल 2019 में उन्होंने स्वीट वेकेशंस नाम की ट्रैवल कंपनी से वेकेशन मेंबरशिप ली थी। कंपनी ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि मेंबरशिप लेने पर चार रात और पांच दिन का इंटरनेशनल टूर पैकेज दिया जाएगा। इस वादे पर भरोसा करते हुए उन्होंने करीब 2 लाख रुपये का भुगतान कर दिया।
शिकायत के अनुसार कंपनी ने पहले ट्रिप के लिए मनाली के आसपास अच्छे होटल और बेहतर सुविधाएं देने का वादा किया था। लेकिन अप्रैल 2019 में जब वह वहां पहुंचे तो उन्हें शहर से करीब 25 किलोमीटर दूर एक होटल दिया गया। होटल पहुंचने पर स्थिति और भी खराब हो गई। होटल के स्टाफ ने कंपनी का वाउचर मानने से इनकार कर दिया और कमरे के लिए अलग से पैसे मांगने लगे। काफी समझाने के बावजूद स्टाफ ने उनकी बात नहीं मानी और उनके साथ बदसलूकी भी की।
परिस्थिति ऐसी बन गई कि पृथ्वी सिंह को मजबूरी में अपने खर्च पर दूसरा होटल लेना पड़ा। उन्होंने यह भी बताया कि जिस होटल की व्यवस्था कंपनी ने की थी वहां इमरजेंसी मेडिकल सुविधा और वाईफाई जैसी मूल सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं थीं। ट्रिप से लौटने के बाद जब उन्होंने कंपनी से मेंबरशिप रद्द करने और पैसे वापस करने की मांग की तो कंपनी ने इस पर भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
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काफी परेशान होने के बाद उन्होंने साल 2022 में कंपनी के खिलाफ जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से कोई भी प्रतिनिधि आयोग के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद आयोग ने एकतरफा फैसला सुनाते हुए ट्रैवल कंपनी को उपभोक्ता को ब्याज और हर्जाने सहित कुल 3 लाख 10 हजार रुपये का भुगतान करने का आदेश दिया।