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गैस सिलेंडर की किल्लत का असर!गोलगप्पों की प्लेट हुई छोटी, फ्री टिक्की न मिलने पर हुए विवाद

खानपान के शौकीनों की पसंदीदा डिश गोलगप्पे अब पहले जितने नहीं मिल रहे। शहर के कई गोलगप्पा विक्रेताओं ने बढ़ती लागत के कारण प्लेट में मिलने वाले गोलगप्पों की संख्या घटा दी है और खाने के बाद फ्री में मिलने वाली पपड़ी या टिक्की भी सीमित कर दी है।
गोलगप्पों की प्लेट हुई छोटी, फ्री टिक्की न मिलने पर हुए विवाद
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    ग्वालियर में महंगाई और गैस सिलेंडर की किल्लत का असर अब स्ट्रीट फूड पर भी साफ दिखाई देने लगा है। खानपान के शौकीनों की पसंदीदा डिश गोलगप्पे अब पहले जितने नहीं मिल रहे। शहर के कई गोलगप्पा विक्रेताओं ने बढ़ती लागत के कारण प्लेट में मिलने वाले गोलगप्पों की संख्या घटा दी है और खाने के बाद फ्री में मिलने वाली पपड़ी या टिक्की भी सीमित कर दी है।

    प्लेट में कम हुए गोलगप्पे

    शहर के कई ठेलों पर अब नए नियम लिखे बोर्ड भी लगा दिए गए हैं। इनमें साफ लिखा है कि 10 रुपए में आटे के केवल 4 गोलगप्पे और 20 रुपए में सूजी के 5 गोलगप्पे ही दिए जाएंगे।

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    पहले जहां ग्राहक को ज्यादा गोलगप्पे मिल जाते थे, अब संख्या तय कर दी गई है। इसके अलावा खाने के बाद जो सूखी पपड़ी या मीठी चटनी वाली टिक्की फ्री में दी जाती थी, उसे भी अब सीमित कर दिया गया है। कई ठेलों पर साफ लिखा है कि अब केवल एक टिक्की ही फ्री मिलेगी।

    गैस सिलेंडर महंगा होने से बढ़ी परेशानी

    गोलगप्पा विक्रेताओं का कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमतों में अचानक बढ़ोतरी और सिलेंडर की कमी के कारण उनकी लागत काफी बढ़ गई है। उनका दावा है कि बाजार में सिलेंडर 3500 से 4000 रुपए तक में मिल रहा है। ऐसे में पुराने दाम पर गोलगप्पे बेचना मुश्किल हो गया है। विक्रेताओं के मुताबिक तेल और अन्य सामान के दाम भी बढ़ गए हैं, जिससे छोटे कारोबारियों पर सीधा असर पड़ रहा है।

    फ्री पपड़ी बंद करने पर होने लगे विवाद

    विक्रेताओं का कहना है कि पहले वे ग्राहकों को खाने के बाद अतिरिक्त सूखी पपड़ी या टिक्की दे दिया करते थे। लेकिन लागत बढ़ने के कारण जब इसे बंद किया गया तो कई जगह ग्राहकों से बहस और विवाद जैसी स्थिति बनने लगी। इसी वजह से अब कई ठेलों पर पहले से ही पोस्टर लगा दिए गए हैं, ताकि ग्राहक को पहले ही जानकारी हो जाए और बाद में विवाद की नौबत न आए।

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    विक्रेता बोले-हालात ऐसे रहे तो ठेला बंद करना पड़ेगा

    गोलगप्पा विक्रेता रविन्द्र सिंह कुशवाह का कहना है कि गैस सिलेंडर समय पर नहीं मिलने और कीमत बढ़ने से कारोबार चलाना मुश्किल हो गया है। पहले वे 10 रुपए में 5 गोलगप्पे देते थे लेकिन अब उसे घटाकर 4 करना पड़ा है।

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    उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले सूखे गोलगप्पे देना पूरी तरह बंद कर दिया था, लेकिन इससे ग्राहकों के साथ विवाद की स्थिति बनने लगी। इसलिए अब एक सूखा गोलगप्पा देने का पोस्टर भी लगा दिया गया है। विक्रेताओं का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो आने वाले दिनों में उन्हें ठेला बंद करना पड़ सकता है या फिर 10 रुपए में केवल 2 पानी के गोलगप्पे ही देने पड़ेंगे।

    Sumit  Shrivastava
    By Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...Read More

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