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UP में दर्दनाक हादसा:रील बनाने टंकी पर चढ़े 5 बच्चे, 3 नीचे गिरे, 1 की मौत, 2 का एयरफोर्स रेस्क्यू

उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर में पांच बच्चे रील बनाने के लिए 60 फीट ऊंची, सालों से जर्जर पड़ी पानी की टंकी पर चढ़ गए। अचानक सीढ़ी टूटने से तीन बच्चे जमीन पर गिर पड़े जिसमें एक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। वहीं दो बच्चे टंकी के ऊपर करीब 16 घंटे तक फंस गए और फिर MI-17 हेलीकॉप्टर के जरिए दोनों बच्चों को उतारा गया।
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रील बनाने टंकी पर चढ़े 5 बच्चे, 3 नीचे गिरे, 1 की मौत, 2 का एयरफोर्स रेस्क्यू
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उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से एक दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां पांच बच्चे रील बनाने के लिए एक पुरानी और जर्जर पानी की टंकी पर चढ़ गए। लेकिन यह शौक उनके लिए खतरे में बदल गया। टंकी की सीढ़ी अचानक टूट गई, जिससे तीन बच्चे नीचे गिर गए और दो बच्चे ऊपर ही फंस गए।

एक बच्चे की मौत, दो की हालत गंभीर

सीढ़ी टूटने के कारण जो तीन बच्चे नीचे गिरे, उनमें 12 साल के मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं अन्य दो गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर गोरखपुर रेफर कर दिया गया। ये हादसा इतना दर्दनाक था कि पूरे इलाके में मातम छा गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

16 घंटे तक टंकी पर फंसे रहे दो बच्चे

हादसे के बाद दो बच्चे टंकी के ऊपर ही फंस गए। दोनों बच्चे करीब 16 घंटे तक वहीं बैठे रहे। नीचे उतरने का कोई रास्ता नहीं था। डर और बारिश के बीच उन्होंने किसी तरह रात बिताई। प्रशासन ने रस्सी के जरिए उन्हें खाना और पानी पहुंचाया, ताकि उनकी हालत न बिगड़े।

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बारिश और दलदल बना चुनौती

टंकी के आसपास का इलाका दलदल में बदल चुका था। जमीन पर पानी भरा था, जिससे भारी मशीनें वहां तक नहीं पहुंच पा रही थीं। हाइड्रॉलिक क्रेन मंगाई गई, लेकिन वह टंकी तक नहीं पहुंच सकी। क्रेन के सेंसर में तकनीकी खराबी भी आ गई। इसके बाद जेसीबी और पोकलेन मशीनों से 150 मीटर लंबी सड़क बनाने का काम शुरू किया गया रात भर मेहनत के बाद 120 मीटर तक सड़क बन गई, लेकिन तभी तेज बारिश शुरू हो गई। काम रोकना पड़ा।

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एयरफोर्स की मदद से सफल हुआ रेस्क्यू

हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया और वायुसेना से मदद मांगी। रविवार सुबह करीब 5:20 बजे एयरफोर्स का MI-17 हेलीकॉप्टर मौके पर पहुंचा। कड़ी मशक्कत के बाद दोनों बच्चों को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इसके बाद उन्हें तुरंत गोरखपुर के एयरफोर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। यह रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 16 घंटे चला।

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26 साल से बंद पड़ी थी टंकी

जिस पानी की टंकी पर यह हादसा हुआ, वह करीब 26 साल से बंद पड़ी थी। टंकी पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी और उसका इस्तेमाल भी नहीं हो रहा था। सबसे बड़ी लापरवाही यह रही कि टंकी पर चढ़ने से रोकने के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया गया। न ही वहां सुरक्षा के इंतजाम किए गए। यही वजह बनी कि बच्चे आसानी से वहां चढ़ गए।

रील बनाने का जुनून बना हादसे की वजह

जानकारी के मुताबिक, सभी बच्चे सोशल मीडिया के लिए रील बनाने के इरादे से टंकी पर चढ़े थे। कुछ देर शूटिंग करने के बाद जब वे नीचे उतर रहे थे, तभी सीढ़ी टूट गई।

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प्रशासन की तत्परता से टला बड़ा हादसा

घटना की सूचना मिलते ही जिला अधिकारी और पुलिस के बड़े अधिकारी मौके पर पहुंच गए। हालात को देखते हुए तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। मौके पर पोकलेन और जेसीबी मशीनें लगाई गईं। बच्चों तक खाना-पानी पहुंचाया गया और अंत में एयरफोर्स की मदद से रेस्क्यू पूरा किया गया। 

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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