Chandranath Rath:पूर्वी मेदिनीपुर से निकलकर, साधु बनने का सपना छोड़ राजनीति में कैसे बने शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद सहयोगी

पश्चिम बंगाल। चंद्रनाथ रथ का जीवन एक साधारण छात्र से लेकर भारतीय वायुसेना के अनुशासित अधिकारी और फिर पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक अहम रणनीतिक सहयोगी बनने तक का रहा है। शुरुआत में आध्यात्मिक मार्ग और साधु बनने की इच्छा रखने वाले रथ ने समय के साथ समाज सेवा और संगठनात्मक जिम्मेदारियों की ओर कदम बढ़ाया। उनकी यही यात्रा आगे चलकर उन्हें शुभेंदु अधिकारी के बेहद भरोसेमंद सहयोगियों में शामिल कर गई। पूर्वी मेदिनीपुर से गहरा जुड़ाव और लंबे अनुभव ने उन्हें राजनीति के भीतर एक महत्वपूर्ण भूमिका तक पहुंचाया।
कोलकाता में गाड़ी रोक ताबड़तोड़ फायरिंग
पश्चिम बंगाल में एक बार फिर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया है, जब भाजपा नेता और विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी सहयोगी चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई। बताया जा रहा है कि अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी को रोका और ताबड़तोड़ फायरिंग की। इस हमले में उनके साथ मौजूद एक सुरक्षा कर्मी भी गंभीर रूप से घायल हो गया।
शुभेंदु अधिकारी के भरोसेमंद सहयोगी
चंद्रनाथ रथ को शुभेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद और करीबी सहयोगियों में गिना जाता था। वह पिछले कई वर्षों से उनके राजनीतिक और प्रशासनिक कामों को संभाल रहे थे। राजनीतिक कार्यक्रमों की योजना बनाना, बैठकों का प्रबंधन करना और संगठनात्मक कामकाज देखना उनकी जिम्मेदारियों में शामिल था। कहा जाता है कि वह हर समय अधिकारी के साथ मौजूद रहते थे और उनके सभी महत्वपूर्ण कार्यों को बेहद जिम्मेदारी के साथ पूरा करते थे।
साधु बनने का सपना
चंद्रनाथ रथ का शुरुआती जीवन साधारण और आध्यात्मिक सोच से जुड़ा हुआ था। उनके परिवार के अनुसार, छात्र जीवन में वह साधु बनने और आध्यात्मिक मार्ग अपनाने की इच्छा रखते थे लेकिन समय के साथ उनका रुझान बदलता गया और उन्होंने समाज और संगठन से जुड़कर जीवन की नई दिशा चुनी। यही बदलाव उन्हें आगे चलकर राजनीति के करीब ले आया।
भारतीय वायुसेना से राजनीति तक का सफर
चंद्रनाथ रथ ने लगभग 18 से 20 वर्षों तक भारतीय वायुसेना में अपनी सेवाएं दी थीं। वहां उन्होंने अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ काम किया। वायुसेना से रिटायर होने के बाद उन्होंने कुछ समय निजी क्षेत्र में भी काम किया। इसके बाद वर्ष 2018-2019 के आसपास वह पूरी तरह से शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक और संगठनात्मक कामों से जुड़ गए। धीरे धीरे वह उनकी टीम का अहम हिस्सा बन गए।
ये भी पढ़ें: सुवेंदु अधिकारी के PA मर्डर केस में पहली गिरफ्तारी, पुलिस के हाथ लगा हिस्ट्रीशीटर
पूर्वी मेदिनीपुर से था गहरा जुड़ाव
चंद्रनाथ रथ का संबंध पश्चिम बंगाल के पूर्वी मेदिनीपुर जिले से था, जो शुभेंदु अधिकारी का भी पैतृक क्षेत्र है। दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से परिचय और विश्वास का रिश्ता रहा है। इसी वजह से रथ को राजनीतिक कामकाज में अधिकारी का बेहद करीबी सहयोगी माना जाने लगा। समय के साथ यह रिश्ता और मजबूत होता गया और वह पूरी तरह से अधिकारी की टीम का हिस्सा बन गए।
संगठन में निभाई अहम भूमिका
शुभेंदु अधिकारी के राजनीतिक सफर में चंद्रनाथ रथ ने अहम भूमिका निभाई थी। वह चुनावी रणनीति, कार्यकर्ताओं के समन्वय और राजनीतिक कार्यक्रमों की योजना में सक्रिय रहते थे। भाजपा के कई महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका रही थी। पार्टी के भीतर उन्हें एक ऐसे व्यक्ति के रूप में देखा जाता था, जो हर काम को शांत और व्यवस्थित तरीके से पूरा करता था।
परिवार और पृष्ठभूमि से जुड़ी जानकारी
चंद्रनाथ रथ का परिवार पहले राजनीतिक रूप से अलग संगठनों से जुड़ा रहा है लेकिन बाद में वे शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा से जुड़े। रथ का स्वभाव शांत और अनुशासित बताया जाता है। उनकी शुरुआती शिक्षा रामकृष्ण मिशन जैसे संस्थानों से हुई थी, जहां से उनमें अनुशासन और सेवा भावना विकसित हुई।
हत्या के बाद राज्य में बढ़ा तनाव
इस घटना के बाद पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया है। भाजपा ने राज्य सरकार पर कानून व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं जबकि प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने जांच के लिए विशेष टीम गठित की है और हमलावरों की तलाश की जा रही है।
सुरक्षा पर उठे सवाल
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और जल्द ही हमलावरों को गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं इस घटना ने वीआईपी सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। राजनीतिक महौल में यह चर्चा तेज हो गई है कि इतनी करीबी सुरक्षा में भी ऐसी वारदात कैसे हो गई।
ये भी पढ़ें: फर्जी नंबर प्लेट, 12 गोलियां…! आखिर कैसे हुई सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या?











