इंदौर। शहर के तुलसी नगर क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से हो रही रहस्यमय घटनाओं ने रहवासियों को दहशत में डाल दिया था। मोहल्ले के कई श्वान अचानक गायब हो रहे थे और किसी को समझ नहीं आ रहा था कि आखिर इनके साथ क्या हो रहा है। लेकिन शुक्रवार को जब एक श्वान का शव संदिग्ध हालत में मिला तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। लोगों को आशंका हुई कि इन बेजुबानों को किसी ने सुनियोजित तरीके से जहर देकर मार डाला है।
रहवासियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी और संदेह रेस्त्रां संचालक विश्वजीत दत्ता और उसके नेपाली नौकर पर जताया। शिकायत के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह पूरी घटना लसूड़िया थाना क्षेत्र के तुलसी नगर ए सेक्टर की बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, विश्वजीत दत्ता यहां किराये के मकान में रहता है और पास में ही एक रेस्त्रां संचालित करता है। उसका नेपाली नौकर भी उसके साथ ही रहता है और रेस्त्रां के कामकाज में हाथ बंटाता है।
रहस्यमय तरीके से गायब हो रहे थे श्वान
इलाके के लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से मोहल्ले के श्वान एक-एक कर गायब हो रहे थे। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य घटना समझकर ज्यादा ध्यान नहीं दिया, लेकिन जब संख्या बढ़ने लगी तो रहवासियों को शक होने लगा कि मामला कुछ गंभीर है।
शुक्रवार को जब एक श्वान का शव मोहल्ले में पड़ा मिला तो लोगों के होश उड़ गए। शव की हालत देखकर लोगों को अंदेशा हुआ कि उसे जहरीला पदार्थ खिलाया गया है। इसके बाद रहवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
नेपाली नौकर पर लगा जहर खिलाने का आरोप
मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि रेस्त्रां में काम करने वाला नेपाली नौकर श्वानों को खाना देने के बहाने जहरीला पदार्थ खिला रहा था। इसके कारण कई श्वानों की मौत हो गई और कुछ अचानक गायब हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी पराग सैनी ने तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने एसआई संजय विश्नोई को मौके पर भेजा, जिन्होंने जांच के बाद रेस्त्रां संचालक विश्वजीत दत्ता और उसके नौकर को हिरासत में ले लिया।
कोर्ट में पेशी, नौकर को भेजा जेल
शनिवार को दोनों आरोपितों को एसीपी कुंदन मंडलोई की कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के बाद नेपाली नौकर को जेल भेज दिया गया, जबकि मामले की आगे की जांच जारी है।
थाने में दिया विवादित बयान
पूछताछ के दौरान मामला उस समय और गर्मा गया जब रेस्त्रां संचालक विश्वजीत दत्ता ने थाने में कथित रूप से यह बयान दिया कि वह पुलिसवालों को हर महीने 25 हजार रुपये देता है। यह बात सामने आते ही रहवासियों में आक्रोश और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि आरोपित को बचाने के लिए कुछ थाना प्रभारियों की ओर से फोन कॉल भी किए गए और जमानत के लिए एसीपी से सिफारिश की गई। इससे पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया और इलाके में चर्चा का विषय बन गया।
बेजुबानों की मौत से गुस्से में रहवासी
घटना के बाद मोहल्ले के रहवासी काफी नाराज हैं। उनका कहना है कि बेजुबान जानवरों के साथ इस तरह की क्रूरता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।