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कभी भी टूट सकता है 'सीजफायर'?जेडी वेंस ने ईरान को कहा- 'अगर धोखा हुआ, तो नतीजा होगा भयंकर'!

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों का सीजफायर शुरू हुआ है, लेकिन उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान झूठ बोलेगा या समझौते को कमजोर करने की कोशिश करेगा, तो इसका नतीजा गंभीर होगा।
जेडी वेंस ने ईरान को कहा- 'अगर धोखा हुआ, तो नतीजा होगा भयंकर'!
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच दो हफ्तों का सीजफायर हुआ है। इस पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बयान दिया है। उन्होंने इसे फिलहाल ‘नाजुक’ समझौता बताया और चेतावनी दी कि अगर ईरान की तरफ से झूठ बोला गया या धोखा हुआ, तो इसका नतीजा अच्छा नहीं होगा।

    अभी शुरुआती चरण में सीजफायर

    वेंस ने कहा कि यह समझौता सिर्फ 8 से 12 घंटे पुराना है, इसलिए इसे नाजुक ही कहा जाएगा। उन्होंने बताया कि कुछ ईरानी लोग समझौते को लेकर सकारात्मक हैं और सही बातें कह रहे हैं, लेकिन वहीं कुछ लोग सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहे हैं और सीजफायर की सच्चाई को तोड़-मरोड़ कर पेश कर रहे हैं।

    मैं कहना चाहता हूं कि यह एक नाजुक समझौता है। कुछ लोग बातचीत की मेज पर अच्छे इरादों के साथ आए हैं, लेकिन कुछ लोग झूठ फैलाकर इसे कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं, वेंस ने कहा।

    ईरानी नेतृत्व में भी मतभेद

    वेंस ने चेतावनी दी कि ईरान के नेतृत्व के भीतर मतभेद इस समझौते को जटिल बना रहे हैं। कुछ लोग सौदा करना चाहते हैं और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहते हैं, जबकि कुछ लोग ही इसे तोड़ने और गलत बयान देने की कोशिश कर रहे हैं।

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    वेंस ने कहा कुछ लोग स्पष्ट रूप से अच्छे सौदे के लिए काम करना चाहते हैं, लेकिन कुछ लोग नाजुक समझौते के बारे में भी झूठ बोल रहे हैं।

    अमेरिका ने हासिल किए अपने लक्ष्य

    उपराष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने पहले ही अपने सैन्य उद्देश्यों को पूरा कर लिया है। उनका कहना था कि राष्ट्रपति का मकसद ईरानी सैन्य क्षमता को कमजोर करना था, और यह उद्देश्य अब पूरा हो चुका है।

    वेंस ने यह भी कहा कि ईरान ने जलमार्ग खोलने पर सहमति दी है और हमले को रोकने के लिए तैयार है। अगर ईरानी लोग अच्छे इरादों के साथ काम करेंगे, तो अमेरिका बातचीत के जरिए स्थायी समझौता कर सकता है। वेंस ने ये भी स्पष्ट किया कि अगर ईरानी लोग झूठ बोलेंगे या धोखा देंगे, तो उन्हें इसका अच्छा नतीजा देखने को नहीं मिलेगा।

    ईरानी नेता पर भी साधा निशाना

    उपराष्ट्रपति ने ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर कालिबाफ के बयान की आलोचना की। वेंस ने कहा कि कालिबाफ की बातें बातचीत के संदर्भ में मायने नहीं रखतीं और उनकी समझ पर भी सवाल उठता है।

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    अमेरिका-ईरान पर सीजफायर का फोकस

    वेंस ने यह भी स्पष्ट किया कि सीजफायर का ध्यान सिर्फ ईरान, अमेरिका, इजरायल और खाड़ी के अरब देशों पर था। लेबनान को इसमें शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ ईरानी वार्ताकारों को गलतफहमी थी कि लेबनान भी इस युद्धविराम में शामिल है।
    लेबनान इस समझौते का हिस्सा नहीं था, सीजफायर केवल सीमाओं और जलमार्ग के लिए लागू हुआ है।

    दोनों देशों के बीच शांति की उम्मीद

    सीजफायर के बाद दोनों देशों ने बयानबाजी शुरू कर दी है। ईरान इसे अपनी रणनीतिक जीत बता रहा है, जबकि अमेरिका इसे बातचीत का आधार मान रहा है। उपराष्ट्रपति वेंस ने साफ किया कि यह समझौता स्थायी नहीं है और इसे बनाए रखने के लिए सभी पक्षों का ईमानदार सहयोग जरूरी है।

    इस बयान से साफ हो गया कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। फिलहाल दोनों पक्ष दो हफ्तों के सीजफायर के जरिए बातचीत की राह तलाश रहे हैं, लेकिन वेंस ने चेतावनी भी दी है कि किसी भी तरह की चूक या धोखाधड़ी का परिणाम गंभीर हो सकता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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