अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में दो हफ्ते का युद्धविराम तय हुआ था, लेकिन सिर्फ 24 घंटे में यह डील टूटने के कगार पर आ गई है। ईरान ने आरोप लगाया है कि सीजफायर डील की तीन महत्वपूर्ण शर्तें तोड़ी गई हैं। इसके चलते अभी तक इस्लामाबाद में स्थायी समझौते के लिए कोई बातचीत शुरू नहीं हो पाई है और सीजफायर अधर में लटका हुआ दिख रहा है।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागेर ग़ालिबफ़ ने साफ तौर पर कहा कि सीजफायर की 10 प्रमुख शर्तों में से तीन का उल्लंघन हो गया है, जिससे न तो युद्धविराम का कोई मतलब रह गया है और न ही बातचीत का।
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लेबनान में सीजफायर का उल्लंघन-
पहली शर्त में हर जगह, विशेषकर लेबनान में तुरंत सीजफायर लागू करने की बात कही गई थी। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इसे दोहराया था। लेकिन इजरायल ने लेबनान पर बमबारी जारी रखी, जिससे यह शर्त पूरी नहीं हो सकी।
ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसपैठ-
फार्स प्रांत के लार शहर में एक ड्रोन ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसा, जिसे मार गिराया गया। यह उस शर्त का उल्लंघन है जिसमें कहा गया था कि ईरानी हवाई क्षेत्र का कोई भी उल्लंघन नहीं होगा।
यूरेनियम संवर्धन का अधिकार-
छठी शर्त के अनुसार ईरान को अपने यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) के अधिकार से वंचित नहीं किया जाना था। अमेरिका ने इस अधिकार को चुनौती दी, जिससे यह शर्त भी टूट गई।
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गालिबफ ने कहा, अब जिस व्यावहारिक आधार पर बातचीत हो सकती थी, उसे शुरू होने से पहले ही तोड़ दिया गया। ऐसी स्थिति में द्विपक्षीय वार्ता या युद्धविराम करना संभव नहीं है।
सीजफायर लागू होने के बावजूद इजरायल ने लेबनान पर ताबड़तोड़ हवाई हमले जारी रखे। इन हमलों में अब तक 254 लोग मारे जा चुके हैं और 1165 से ज्यादा घायल हुए हैं। हमलों में लेबनान के एक प्रमुख इमाम की भी मौत हुई।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि सीजफायर में लेबनान शामिल नहीं होगा।
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लेबनान पर हमले रोकने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा, अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो ईरान सीजफायर समझौते को रद्द कर देगा। अमेरिका को या तो युद्धविराम चुनना होगा या इजरायल के माध्यम से युद्ध जारी रखना होगा, दोनों नहीं।
लेबनान पर इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट से तेल टैंकरों के गुजरने पर रोक लगा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दो टैंकरों को सुबह गुजरने दिया गया, लेकिन इसके बाद रोक लगा दी गई।
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ईरानी नेवी ने चेतावनी दी कि अगर किसी जहाज ने तेहरान की अनुमति के बिना स्ट्रेट पार किया, तो उसे टारगेट कर तबाह किया जाएगा।
हिज्बुल्लाह ने कहा कि अगर लेबनान को सीजफायर में शामिल नहीं किया गया, तो समझौता टूट सकता है। संगठन ने चेताया कि इजरायल ने हमले जारी रखे तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
इजरायली रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने वीडियो बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि आईडीएफ ने लेबनान में सैकड़ों हिज्बुल्लाह लड़ाकों और कमांड सेंटर्स को निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि यह हिज्बुल्लाह के लिए अब तक का सबसे बड़ा झटका है।