Trump China Visit:चीन पहुंचे राष्ट्रपति ट्रंप, शी जिनपिंग संग होगी सीधी बातचीत, रवाना होने से पहले ईरान पर भी गरजे

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मंगलवार को अहम चीन दौरे के लिए रवाना हो गए। ट्रंप 13 मई से 15 मई तक चीन में रहेंगे। करीब एक दशक बाद किसी अमेरिकी राष्ट्रपति का यह बड़ा चीन दौरा माना जा रहा है। इस दौरान उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से होगी।
यह मुलाकात ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया की नजर अमेरिका, चीन और ईरान के बढ़ते तनाव पर टिकी हुई है। मिडिल ईस्ट में हालात लगातार खराब हो रहे हैं और इसका असर वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ऐसे में ट्रंप और शी जिनपिंग की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है।
अमेरिका-चीन रिश्तों में नया मोड़?
यह यात्रा अमेरिका और चीन के रिश्तों के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। पिछले कुछ वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध, टैरिफ और टेक्नोलॉजी को लेकर लगातार तनाव देखने को मिला है। अमेरिका ने चीन के कई उत्पादों पर भारी टैरिफ लगाए थे, जबकि चीन ने भी जवाबी कदम उठाए। इससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में दूरी बढ़ गई थी। अब ट्रंप की इस यात्रा से उम्मीद की जा रही है कि दोनों देश रिश्तों को सामान्य करने की कोशिश करेंगे।
चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने व्हाइट हाउस में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनकी और शी जिनपिंग की बातचीत का सबसे बड़ा मुद्दा व्यापार रहेगा। ट्रंप ने कहा हम कई अहम मुद्दों पर चर्चा करेंगे, लेकिन सबसे ज्यादा बातचीत व्यापार को लेकर होगी।
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ईरान संकट पर भी होगी चर्चा
हालांकि ट्रंप ने व्यापार को सबसे बड़ा मुद्दा बताया, लेकिन ईरान संकट भी इस मुलाकात का अहम हिस्सा माना जा रहा है। पिछले कुछ समय से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां तेज हुई हैं और होर्मुज को लेकर भी दुनिया भर में चिंता बढ़ी है। जब ट्रंप से पूछा गया कि क्या वह ईरान मामले पर शी जिनपिंग से मदद की उम्मीद करते हैं, तो उन्होंने कहा कि अमेरिका को किसी की मदद की जरूरत नहीं है।
ट्रंप ने कहा, हम ईरान के मामले को किसी भी तरह संभाल लेंगे। हम यह लड़ाई शांतिपूर्वक भी जीत सकते हैं और जरूरत पड़ी तो दूसरे तरीके से भी।
ट्रंप का बड़ा दावा- ईरान की ताकत खत्म
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायुसेना लगभग खत्म हो चुकी है।
ट्रंप ने कहा, उनकी नेवी खत्म हो चुकी है, एयरफोर्स खत्म हो चुकी है और उनकी सैन्य ताकत पूरी तरह टूट चुकी है। उन्होंने आगे कहा कि ईरान के पास अब ज्यादा विकल्प नहीं बचे हैं। ट्रंप के मुताबिक, ईरान को जल्द सही फैसला लेना होगा, नहीं तो अमेरिका कार्रवाई पूरी करेगा।
होर्मुज में अमेरिकी नाकेबंदी का दावा
ट्रंप ने होर्मुज के आसपास अमेरिका की समुद्री कार्रवाई को भी सफल बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिकी नाकेबंदी पूरी तरह प्रभावी रही है। ट्रंप ने दावा किया, यह नाकेबंदी 100 प्रतिशत सफल रही है। होर्मुज दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में गिना जाता है। यहां से बड़ी मात्रा में तेल सप्लाई होती है। अगर इस इलाके में तनाव बढ़ता है, तो दुनिया भर में तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं।
NATO पर भी भड़के ट्रंप
चीन रवाना होने से पहले ट्रंप ने NATO को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में NATO ने अमेरिका का पूरा साथ नहीं दिया। ट्रंप ने कहा, जब हमें उनकी जरूरत थी, तब NATO हमारे साथ नहीं था। हमें NATO की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर जरूरत पड़ती भी, तो वे मौजूद नहीं थे। ट्रंप पहले भी कई बार NATO देशों पर सवाल उठा चुके हैं।
दुनिया की नजर ट्रंप-शी बैठक पर
अब पूरी दुनिया की नजर चीन में होने वाली इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात पर टिकी हुई है। अगर इस बैठक में व्यापार और सुरक्षा मुद्दों पर सहमति बनती है, तो इससे दुनिया को राहत मिल सकती है। वहीं अगर बातचीत बेनतीजा रहती है, तो आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।











