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जंग के बीच मोदी का सीधा फोन!ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से की बातचीत ने बढ़ाई हलचल

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और जंग जैसे हालात के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर बातचीत की। इस दौरान पीएम मोदी ने ईद और नौरोज की शुभकामनाएं देते हुए क्षेत्र में शांति, स्थिरता और सहयोग बनाए रखने की अपील की।
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ईरानी राष्ट्रपति पेजेश्कियन से की बातचीत ने बढ़ाई हलचल
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और संघर्ष के बीच भारत ने एक बार फिर संतुलित और मजबूत कूटनीति का संकेत दिया है। प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान से फोन पर बातचीत की।

    इस बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने ईद और नौरोज के मौके पर शुभकामनाएं दीं, लेकिन यह कॉल सिर्फ औपचारिक नहीं थी- इसमें क्षेत्रीय शांति और वैश्विक स्थिरता जैसे बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

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    प्रधानमंत्री मोदी ने उम्मीद जताई कि ईद और नौरोज जैसे पवित्र त्योहार पूरे मिडिल ईस्ट में शांति, स्थिरता और समृद्धि लेकर आएं। उन्होंने साफ कहा कि मौजूदा हालात में सबसे जरूरी है कि सभी देश संयम बरतें और हालात को और बिगड़ने से रोकें। भारत ने एक बार फिर यह दोहराया कि वह हमेशा संवाद और कूटनीति के जरिए समाधान का समर्थन करता है।

    समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर जोर

    प्रधानमंत्री ने नौवहन की स्वतंत्रता का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है।
    भारत के लिए यह मुद्दा बेहद अहम है, क्योंकि देश की ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार का बड़ा हिस्सा इन्हीं समुद्री रास्तों पर निर्भर करता है।

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    हमलों पर चिंता, वैश्विक असर की चेतावनी

    बातचीत के दौरान PM मोदी ने क्षेत्र में अहम बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह के हमले न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को खतरे में डालते हैं, बल्कि पूरी दुनिया की सप्लाई चेन पर भी असर डालते हैं।

    ट्वीट कर दिया बड़ा संदेश

    प्रधानमंत्री मोदी ने इस बातचीत के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भी अपनी बात साझा की। उन्होंने लिखा कि नौकायन की स्वतंत्रता की रक्षा करना बेहद जरूरी है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि सभी जहाजरानी मार्ग खुले और सुरक्षित रहें।

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    साथ ही उन्होंने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ईरान सरकार के लगातार सहयोग की सराहना भी की।

    क्यों अहम है यह कॉल?

    मौजूदा हालात में यह बातचीत कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है-

    • भारत ने संतुलित विदेश नीति का प्रदर्शन किया
    • शांति और स्थिरता के लिए मजबूत संदेश दिया
    • वैश्विक सप्लाई और सुरक्षा पर चिंता जताई
    • दोनों पक्षों के साथ संबंध बनाए रखने की रणनीति अपनाई

    यह कदम भारत को एक जिम्मेदार और प्रभावशाली वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करता है।

    पहले भी हुई थी अहम बातचीत

    इससे पहले 13 मार्च को भी प्रधानमंत्री मोदी और ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान  के बीच बातचीत हुई थी। उस दौरान भी दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट की गंभीर स्थिति पर चर्चा की थी और समाधान के लिए कूटनीति और बातचीत को ही सबसे बेहतर रास्ता बताया था। भारत ने अपने पुराने रुख को दोहराते हुए साफ किया कि युद्ध नहीं, संवाद ही स्थायी समाधान दे सकता है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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