दुनियाभर में ईद-उल-फितर का जश्न शुरू हो चुका है लेकिन इस बार माहौल पहले जैसा नहीं है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और जंग के बीच कई देशों में ईद सादगी और कड़ी सुरक्षा के बीच मनाई जा रही है। सबसे बड़ा असर अल-अक्सा मस्जिद पर देखने को मिला, जहां करीब 60 साल में पहली बार ईद की नमाज के लिए मस्जिद को पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
यरुशलम स्थित अल-अक्सा मस्जिद इस्लाम के सबसे पवित्र स्थलों में से एक है और मक्का-मदीना के बाद इसका विशेष महत्व है। 1967 के अरब-इजराइल युद्ध के बाद पहली बार ऐसा हुआ है, जब ईद जैसे बड़े मौके पर यहां नमाज के लिए पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। सुरक्षा कारणों से शहर में आम लोगों की एंट्री भी सीमित कर दी गई है।

यरुशलम के पुराने शहर के गेट पर ईद की नमाज के दौरान सैकड़ों नमाजियों और पुलिस के बीच झड़प भी देखने को मिली। नमाजी अंदर जाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। हालात को देखते हुए वेस्टर्न वॉल और चर्च ऑफ द होली सेपल्कर समेत सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भीड़ को सख्ती से नियंत्रित किया जा रहा है।
ईरान में इस बार ईद का जश्न सादगी के साथ मनाया गया। जंग और हमलों के चलते बाजारों में रौनक कम रही और कई जगह दुकानें बंद नजर आईं। लोगों ने मस्जिदों में नमाज अदा की, लेकिन बड़े स्तर पर कोई आयोजन नहीं हुआ।
कतर, संयुक्त अरब अमीरात और कुवैत जैसे देशों में ईद का जश्न जरूर मनाया गया, लेकिन सुरक्षा के चलते खुले मैदानों में नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी गई। UAE में चार दिन की छुट्टी का ऐलान किया गया है और शहरों में सजावट भी की गई लेकिन सुरक्षा व्यवस्था पहले से ज्यादा कड़ी रही।
इराक में लोग इस बार ईद को लेकर सतर्क नजर आए। बड़े आयोजन कम हुए और लोग भीड़ से बचते दिखे। वहीं लेबनान के दक्षिणी हिस्सों में हालात ज्यादा कठिन हैं, जहां हजारों लोग अपने घरों से दूर रहकर ईद मना रहे हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान ने ईद के मौके पर 5 दिन के अस्थायी युद्ध विराम की घोषणा की है। यह कदम क्षेत्र में शांति बनाए रखने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि किसी भी हमले की स्थिति में कार्रवाई फिर शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।
यात्रियों की सुविधा के लिए एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने UAE, सऊदी अरब और ओमान के लिए विशेष उड़ानों का संचालन किया है। हालांकि कुछ रूट्स पर उड़ानें अस्थायी रूप से प्रभावित हैं लेकिन वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इस बार ईद का त्योहार खुशियों के साथ-साथ ग्लोबल तनाव और अनिश्चितता के माहौल में मनाया जा रहा है जहां सुरक्षा और हालात के कारण परंपरागत जश्न का रंग कुछ फीका नजर आया।